Rajasthan Panchayat Elections: कांग्रेस की हार से जयपुर से दिल्ली तक हलचल, आंकड़ों से समझिए, गहलोत-पायलट को BJP ने कैसे दी टेंशन

Rajasthan Panchayat Elections: राजस्थान के पंचायतराज और जिला परिषद के चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद जयपुर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक सियासी हलचल बढ़ गई है. ग्रामीण राजस्थान के इस अहम चुनाव में जीत को भाजपा आंदोलन के बीच किसान कानूनों पर मुहर की तरह मान रही है. इस चुनाव में कांग्रेस की उम्मीद से परिणाम बिल्कुल अलग रहे. प्रदेश कांग्रेस पंचायत समिति और जिला परिषद दोनों की चुनावों में खास प्रदर्शन नहीं कर पाई. वहीं सत्तारूढ कांग्रेस पार्टी के कई दिग्गजों को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा.
Rajasthan Panchayat Elections: राजस्थान के पंचायतराज और जिला परिषद के चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद जयपुर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक सियासी हलचल बढ़ गई है. ग्रामीण राजस्थान के इस अहम चुनाव में जीत को भाजपा आंदोलन के बीच किसान कानूनों पर मुहर की तरह मान रही है. इस चुनाव में कांग्रेस की उम्मीद से परिणाम बिल्कुल अलग रहे. प्रदेश कांग्रेस पंचायत समिति और जिला परिषद दोनों की चुनावों में खास प्रदर्शन नहीं कर पाई. वहीं सत्तारूढ कांग्रेस पार्टी के कई दिग्गजों को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा.
कांग्रेस की जीत की दावेदारी पेश करने वाले कई मंत्री भी पंचायत की परीक्षा में फेल हो गए. ग्रेटर हैदराबाद सहित अन्य चुनावों में के बाद राजस्थान में भाजपा के प्रदर्शन ने पार्टी में नया उत्साह भर दिया है.वहीं, दूसरी तरफ हार को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने रिपोर्ट मांगी है. ये भले ही छोटा चुनाव रहा हो, लेकिन बड़े सियासी संदेश दे गया है.
राजस्थान पंचायत समिति की 4371 सीटों में से भाजपा 1989 और कांग्रेस 1852 सीटों पर जीती है. 439 सीटों पर निर्दलियों ने जीत दर्ज की जिनकी भूमिका आने वाले समय में निर्णायक होने वाली है. एनडीए की सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 60 और सीपीएम ने 26 सीटें जीती हैं.
वहीं जिला परिषद सदस्यों में भाजपा के 353 और कांग्रेस के 252 सदस्य जीते हैं. जिला परिषद चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 10 और सीपीएम ने 2 सीटें जीती हैं. जिला परिषद चुनाव में 18 निर्दलियों ने जीत का परचम फहराया है. इस जीत ने भाजपा को 14 जिला परिषद का कब्जा दे दिया है.
राजस्थान में भाजपाके लिए ये जीत तो बड़ी है ही परेशानी कांग्रेस के लिए खड़ी होने वाली है. अभी गहलोत सरकार को दो साल होने में दस दिन का वक्त बाकी है और कांग्रेस की राजस्थान के गावों में हवा निकल चुकी है. कांग्रेस का प्रदर्शन इसलिए और हैरान करता है क्योंकि पिछले महीने ही शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस छह में से छह पर अपनो मेयर बनाने में कामयाब रही थी.
राजस्थान की सहाड़ा, राजसमंद और सुजानगढ़ विधानसभा सीट रिक्त पड़ी हैं. सहाड़ा सीट कांग्रेस के विधायक कैलाश त्रिवेदी और सुजानगढ़ सीट कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री रहे मास्टर भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद खाली हुई है जबकि राजसमंद सीट बीजेपी विधायक किरण माहेश्वरी के निधन से रिक्त हुई है. इन तीनों विधानसभा सीटों के तहत आने वाले पंचायत चुनाव में कांग्रेस को हार मिली है.
Posted By: Utpal kant
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