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Sambalpur News: संग्रह प्रक्रिया शुरू होने के चार दिन बाद भी नहीं बिका एक भी बोरी धान, बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

Updated at : 01 Dec 2025 11:45 PM (IST)
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Sambalpur News: संग्रह प्रक्रिया शुरू होने के चार दिन बाद भी नहीं बिका एक भी बोरी धान, बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

Sambalpur News: बरगढ़ जिले में 28 नवंबर को धान खरीद प्रक्रिया शुरू हुई है. लेकिन अब तक एक बोरी धान की खरीद नहीं हो सकी है.

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Sambalpur News: बरगढ़ जिले में 28 नवंबर से धान संग्रह प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन चार दिन बीतने के बाद सोमवार तक एक भी बोरा धान नहीं बिका. सोमवार को बारिश से खेतों और खलिहानों में रखा धान भीग गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है.

सुबह से शाम तक भूखे-प्यासे बैठे रहे किसान

मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान सुबह से शाम तक भूखे-प्यासे बैठे रहे, लेकिन मिल मालिक धान खरीदने के लिए एग्रीमेंट पर साइन करने को तैयार नहीं हैं. 5000 से अधिक किसान पंजीकरण से वंचित हैं. विधायक निहार रंजन महानंद ने पंजीकरण का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ. सरकार द्वारा घोषित 800 रुपये का बोनस घटाकर 731 रुपये करने की चर्चा है. इससे किसान आंदोलन की संभावना बढ़ गयी है. इसे देखते हुए मंडी में पुलिस बल तैनात किया गया है.

ऑल ओडिशा मिलर्स एसोसिएशन की बैठक में हड़ताल का फैसला

बरगढ़ के एक होटल में रविवार को ऑल ओडिशा मिलर्स एसोसिएशन की महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार संतोष अग्रवाल ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, मिलर्स मंडी से धान नहीं उठायेंगे. मिलर्स अपनी मांगों को मनवाने पर अड़े हुए हैं. संतोष अग्रवाल ने बताया कि मिलर्स एसोसिएशन पिछले साल से ही सरकार के सामने अपनी मांगें रख रहा है. इस बार भी धान खरीद शुरू होने से काफी पहले ही सरकार के सामने यह मांग रखी गयी, लेकिन सरकार ने इसे महत्व नहीं दिया. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में सरकार धान खरीदकर अपनी कस्टडी में रखती है और मिलर्स को कस्टम मिलिंग के लिए देती है, लेकिन यहां सब कुछ मिलर्स पर ही डाल दिया गया है. बार-बार मांग करने के बावजूद सरकार मिलर्स की जरूरतें पूरी नहीं कर रही. मिलर्स धान संरक्षण के लिए बीमा ले रहे हैं और अपनी जेब से 3.5 से 4 रुपये प्रति क्विंटल खर्च कर रहे हैं. इसके बावजूद सरकार मिलिंग चार्ज बढ़ाने समेत उनकी दूसरी मांगें पूरी नहीं कर रही. कोई भी मिलर तब तक धान संग्रह प्रक्रिया के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने को तैयार नहीं हैं, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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