Rourkela News: प्रथमाष्टमी पर होगी ज्येष्ठ संतान की पूजा, हल्दी के पत्ते में बने पकवान का करेंगे सेवन

Updated:
विज्ञापन
Rourkela News: प्रथमाष्टमी पर होगी ज्येष्ठ संतान की पूजा, हल्दी के पत्ते में बने पकवान का करेंगे सेवन

Rourkela News: ओड़िया परंपरा के अनुसार प्रथमाष्टमी उत्सव पर हल्दी के पत्ते में लपेट कर बनाये गये व्यंजनों का सेवन किया जाता है.

विज्ञापन

Rourkela News: ओड़िया परंपरा के अनुसार शनिवार को प्रथमाष्टमी उत्सव मनाया जायेगा. इस दिन परिवार के ज्येष्ठ संतान की शृंगार कर पूजा की जाती है. इस विशेष मौके पर हल्दी के पत्ते में लपेट कर बनाये गये व्यंजनों का सेवन किया जाता है. इसमें भी एंडुरी पीठा का विशेष महत्व है, जिसका सेवन सभी करेंगे. ओडिया परिवारों में प्रथमाष्टमी का खास महत्व है. परिवारों में इसे लेकर उल्लास का माहौल देखा जा रहा है. प्रथमाष्टमी पर शनिवार की सुबह परिवार की ज्येष्ठ संतान (पुत्र या पुत्री) को स्नान कराने के बाद नया कपड़ा पहनने को दिया जाता है. ये कपड़े मामा के घर से उपहार के रूप में मिले होते हैं. नये कपड़े पहनाकर व शृंगार कर संतान को पूजा घर में उसे देवताओं के समक्ष बैठा कर माथे पर चंदन लगाया जाता है तथा फूल, धूप, दीप दिखाकर पूजा की जाती है. इसके बाद ज्येष्ठ संतान गुरुजनों एवं बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं.

हल्दी के पत्ते में बने पकवान के सेवन से सर्दियों में होने वाले रोगों से होता है बचाव

परंपरा के अनुसार प्रथमाष्टमी पर लोग चावल एवं उड़द की दाल को पीसने के बाद हल्दी पत्ते में लपेट कर भाप में पकाया हुआ विशेष पकवान ‘एंडुरी पीठा’ का सेवन करते हैं. ऐसा माना जाता है कि हल्दी के पत्ते में लपेट कर बनाये गये इस पकवान के सवन से ठंड के दिनों में होने वाले विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाव होता है. हल्दी शरीर में प्रतिरोधक क्षमता पैदा करती है. साथ ही इससे पेट से संबंधित विभिन्न बीमारियां भी दूर होती हैं. इस त्योहार का अन्य पहलू यह भी है कि पिता के बाद परिवार के ज्येष्ठ संतान पर ही पूरी जिम्मेदारी आती है. इस कारण बचपन से ही उसे इसके लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता है. यही कारण है कि माता-पिता का परिवार के ज्येष्ठ संतान के प्रति अधिक भरोसा भी होती है एवं प्यार भी दिया जाता है.

मार्गशीर्ष माह के आठवें दिन मनायी जाती है प्रथमाष्टमी

मार्गशीर्ष महीने के आठवें दिन यह त्योहार मनाया जाता है. शनिवार को यह पूजा होने के कारण बाजार में हल्दी के पत्तों की बिक्री शुरू हो गयी है. राउरकेला में आसपास के ग्रामीण इलाकों से लोग हल्दी के पत्ते लाकर बाजार में बेचते हैं. इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गयी है. शुक्रवार को इसकी बिक्री जोरों पर होगी.

10 रुपये पीस बिका हल्दी का पत्ता

प्रथमाष्टमी पर पकवाने बनाने के लिए गुरुवार को लोगों ने हल्दी के पत्ते व अन्य सामग्री की खरीदारी की. हल्दी का पत्ता 10 रुपये प्रति पीस बिका. वहीं धान डब्बा 30 रुपये, केला पत्ता 10 रुपये व कमल फूल 20 रुपये प्रति पीस बेचा गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola