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Rourkela News: एनआइटी के रिसर्च स्कॉलर्स वीक में 90 शोधार्थियों ने प्रस्तुत किये शोध निष्कर्ष

Updated at : 21 Apr 2025 11:32 PM (IST)
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Rourkela News: एनआइटी के रिसर्च स्कॉलर्स वीक में 90 शोधार्थियों ने प्रस्तुत किये शोध निष्कर्ष

Rourkela News: एनआइटी राउरकेला में तीन दिवसीय रिसर्च स्कॉलर्स वीक-2025 के नौवें संस्करण का आयोजन 18 से 20 अप्रैल तक किया गया.

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Rourkela News: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) राउरकेला में तीन दिवसीय रिसर्च स्कॉलर्स वीक-2025 के नौवें संस्करण का आयोजन 18 से 20 अप्रैल तक किया गया. इसमें कुल 90 शोधार्थियों ने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किये. रिसर्च स्कॉलर्स वीक एनआइटी राउरकेला की एक वार्षिक शैक्षणिक पहल है, जिसका उद्देश्य पीएचडी स्कॉलर्स को उनके शोध कार्य प्रस्तुत करने के लिए एक मंच प्रदान करना है. इस वर्ष के आयोजन में संस्थान के 20 विभागों से कुल 90 से अधिक स्कॉलर्स ने बेसिक साइंसेज, केमिकल और बायोलॉजिकल साइंसेज, मैकेनिकल साइंसेज, सर्किट्री और ह्यूमैनिटीज और मैनेजमेंट पर शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किये.

नवाचार और अनुसंधान प्रयासों को प्रदर्शित करने का मंच

कार्यक्रम का उद्घाटन 18 अप्रैल को हुआ. प्रो प्रदीप चौधरी (प्रभारी प्रोफेसर, रिसर्च स्कॉलर्स वीक-2025) ने स्वागत भाषण दिया. उन्होंने बताया कि रिसर्च स्कॉलर्स वीक स्कॉलर्स के नवाचार और अनुसंधान प्रयासों को प्रदर्शित करने का मंच है, जो अंतर विषयक संवाद और नवीनतम शोध की दिशा में प्रेरित करता है. शोधार्थियों को बधाई देते हुए प्रो के उमामहेश्वर राव (निदेशक, एनआइटी राउरकेला) ने कहा कि हमारे शोधार्थियों की मेहनत, लगन और प्रेरणा को सराहना एक सौभाग्य है. पारंपरिक सीमाओं से आगे सोचने और ज्ञान को नवोन्मेषी तरीकों से लागू करने के लिए साहस चाहिए. एक सच्चा वैज्ञानिक प्रयास तभी सार्थक है, जब वह समाज के हित में हो.

एनआइटी राउरकेला प्रतिभाओं को संवारने के लिए प्रतिबद्ध

प्रो स्नेहाशीष चक्रवर्ती (डीन, अकादमिक) ने कहा कि एनआइटी राउरकेला प्रतिभाओं को संवारने और ऐसा वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां शोध, जिज्ञासा और निरंतरता का विकास हो सके. रिसर्च स्कॉलर्स वीक के माध्यम से स्कॉलर अपने नवाचारों और उपलब्धियों को पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों के माध्यम से साझा करते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शोध कैसे उन्हें समस्या समाधानकर्ता और समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाता है. प्रो रोहन धीमान (रजिस्ट्रार) ने कहा कि इन अकादमिक चर्चाओं के परिणाम एनआइटी राउरकेला के वैज्ञानिक समुदाय को सशक्त बनायेंगे, क्योंकि इनमें से कई शोध-पत्र उच्च-स्तरीय जर्नल्स, पेटेंट और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं. प्रो आरसी प्रधान (एसोसिएट डीन, अकादमिक-पीजी एवं रिसर्च) ने आयोजन की सफलता के लिए आयोजक टीम को बधाई दी.

स्मारिका का हुआ विमोचन, विजेता पुरस्कृत

उद्घाटन समारोह के दौरान इस अवसर को चिह्नित करने के लिए एक स्मारिका भी जारी की गयी. पहले दो दिन पीएचडी छात्रों ने पोस्टर प्रस्तुतियां की और तीसरे दिन उनमें से चयनित प्रतिभागियों की मौखिक प्रस्तुतियां हुईं. आरएसडब्ल्यू-2025 का समापन 20 अप्रैल को बीबी ऑडिटोरियम में आयोजित समापन समारोह के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रो एमएसआर मूर्ति (निदेशक,आइआइइएसटी शिवपुर) का मुख्य वक्तव्य शामिल रहा. उन्होंने कहा कि मेरे अनुभव में, पोस्टग्रेजुएट स्तर पर मजबूत नींव और उसके साथ उद्योग जगत का भी अनुभव, शोध के लिए समस्याओं को पहचानने और समाधान निकालने की क्षमता को काफी बढ़ा देता है. उद्योग-उन्मुख अनुसंधान न केवल आत्मविश्वास देता है, बल्कि प्रासंगिकता और प्रभाव सुनिश्चित करता है.समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गये और वॉलंटियर्स को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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