ePaper

Bhubaneswar News: पूर्वोत्तर राज्यों के 29 छात्र- छात्राएं भुवनेश्वर पहुंचे, ओडिशा की संस्कृति के बारे में जानेंगे

Updated at : 25 Jan 2025 12:06 AM (IST)
विज्ञापन
Bhubaneswar News: पूर्वोत्तर राज्यों के 29 छात्र- छात्राएं भुवनेश्वर पहुंचे, ओडिशा की संस्कृति के बारे में जानेंगे

Bhubaneswar News: अभाविप की अंतरराज्यीय छात्र जीवन दर्शन कार्यक्रम के तहत पूर्वोत्तर भारत के 29 छात्र-छात्राएं भुवनेश्वर पहुंचे. रेलवे स्टेशन पर उनका स्वागत किया गया.

विज्ञापन

Bhubaneswar News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की ओर से आयोजित अंतरराज्यीय छात्र जीवन दर्शन कार्यक्रम (सील) के तहत पूर्वोत्तर भारत के 29 छात्र-छात्राएं शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुंचे. गुवाहाटी से ट्रेन से भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद उनका भव्य स्वागत किया गया. पूर्वोत्तर भारत के इस प्रतिनिधि दल में असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा और सिक्किम के छात्र शामिल हैं.

26 जनवरी की शाम छात्र प्रतिनिधियों को बीएमसी की ओर से किया जायेगा सम्मानित

कार्यक्रम के संयोजक अरिजीत पटनायक व अन्य पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रत्येक छात्र को एक-एक परिवार में ठहराया गया है. तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान ये विद्यार्थी ओडिशा के विभिन्न विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगे, कुलपतियों के साथ चर्चा करेंगे और ओडिशा की ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे. 26 जनवरी की शाम 6:00 बजे भुवनेश्वर महानगर निगम की ओर से एक नागरिक सम्मान उत्सव का आयोजन किया जायेगा, इसमें विभिन्न विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित होकर सील प्रतिनिधियों को सम्मानित करेंगे. इस दौरान विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों का आदान-प्रदान होगा. इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया जायेगा कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति एक परिवार का हिस्सा है और हम सभी भारत माता के संतान हैं.

हृदय से हृदय को जोड़ने के लिए है यह एकात्मता यात्रा

गुवाहाटी से आये इस प्रतिनिधि दल के संयोजक चितु वैश्य और सह-संयोजक पापन दास ने बताया कि गुवाहाटी से पूर्वोत्तर राज्यों के कुल आठ दल देश के विभिन्न राज्यों में इस कार्यक्रम के तहत पहुंचे हैं. उत्तर-पूर्व राज्यों के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर इन प्रतिनिधि दलों का नामकरण किया गया है. सभी दल 20 दिनों तक पूरे भारत का भ्रमण करेंगे और अंत में फिर गुवाहाटी लौटेंगे. इसे हृदय से हृदय को जोड़ने वाली एकात्मता यात्रा कहा गया है. भारत के विभिन्न क्षेत्रों की भाषाएं, पहनावा और संस्कृति भले ही अलग हो, लेकिन हम सभी भारत माता के संतान हैं. इस संदेश को फैलाने के उद्देश्य से यह यात्रा आयोजित की जा रही है. उल्लेखनीय है कि 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद, चीन द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लोगों के बीच अलगाववाद की भावना फैलाने के प्रयासों को दूर करने और उन्हें यह विश्वास दिलाने कि भारत एक परिवार है, 1966 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रयासों से अंतरराज्यीय छात्र जीवन दर्शन कार्यक्रम शुरू किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लोगों को भारत के अन्य राज्यों की संस्कृति और इतिहास से परिचित कराना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola