Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे ने चुनाव चिह्न आवंटन पर लगाया भेदभाव का आरोप, EC को लिखी चिट्ठी

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 13 Oct 2022 4:41 PM

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उद्धव ठाकरे का आरोप है कि एकनाथ शिंदे गुट की पार्टी और चुनाव चिह्न की लिस्ट सामने आने से पहले ही चुनाव आयोग ने उनके गुट की पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न को अपने वेबसाइट में शेयर कर दिया. जिससे शिंदे गुट को नकल करने का पूरा मौका मिल गया.

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शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चुनाव चिह्न और पार्टी के नाम पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को 4 पेज की चिट्ठी लिखी है. बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे ने 12 बिंदुओं में अपनी बात कही है और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया.

उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर क्या लगाया आरोप

उद्धव ठाकरे का आरोप है कि एकनाथ शिंदे गुट की पार्टी और चुनाव चिह्न की लिस्ट सामने आने से पहले ही चुनाव आयोग ने उनके गुट की पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न को अपने वेबसाइट में शेयर कर दिया. जिससे शिंदे गुट को नकल करने का पूरा मौका मिल गया. मालूम हो चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे गुट को पहले पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किया था और शिंदे गुट को एक दिन के बाद मिला था. क्योंकि शिंदे गुट ने पहले जो नाम और चिह्न की सूची सौंपी थी, उसे चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था.

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उद्धव ठाकरे गुट का आरोप, शिंदे गुट की ओर से सुझाये गये कोई भी नाम वेबसाइट में नहीं डाला गया

उद्धव ठाकरे ने एक और आरोप लगाया है कि उन्होंने जो नाम और चिह्न चुनाव आयोग को सौंपे थे, उसी को शिंदे गुट ने भी चुना. ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में चुनाव आयोग की वेबसाइट से डिलीट कर दिया गया. उन्होंने एक और आरोप लगाया कि शिंदे गुट के सुझाये किसी भी नाम को चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट में अपलोड नहीं किया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जो सुझाव आयोग को दिये, वहीं शिंदे गुट ने भी दिये, जिससे उन्हें उनके पसंद की पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न नहीं मिल पाया.

शिवसेना के शिंदे खेमे को चुनाव चिह्न के रूप में ‘दो तलवार और एक ढाल’ मिला

मालूम हो निर्वाचन आयोग (ईसी) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के धड़े को चुनाव चिह्न के रूप में दो तलवार और एक ढाल का निशान आवंटित किया. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को ‘बालासाहेबंची शिवसेना’ नाम दिया गया है. यह धड़ा अगर अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट के लिए तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव में उतरने का फैसला करता है तो वह ‘दो तलवार और एक ढाल’ चुनाव चिह्न का उपयोग कर सकेगा.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह

निर्वाचन आयोग ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. आयोग ने धार्मिक अर्थों का हवाला देते हुए चुनाव चिन्ह के रूप में ‘त्रिशूल’ की मांग करने के उद्धव गुट के दावे को खारिज कर दिया था. चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे गुट को ‘शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ नाम आवंटित किया.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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