Election Commission ने शिवसेना के चुनाव चिह्न को किया फ्रीज, शिंदे और ठाकरे गुट को 10 अक्टूबर तक का समय
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 08 Oct 2022 10:06 PM
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट से शिवसेना के नये चुनाव चिह्न की प्राथमिकता के बारे में पूछा और दोनों गुटों को 10 अक्टूबर तक का समय दिया.
निर्वाचन आयोग ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुटों को पार्टी के नाम शिवसेना और उसके धनुष और तीर चुनाव चिह्न का उपयोग करने से रोक दिया है. आयोग ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट को 10 अक्टूबर तक का समय दिया है. दोनों गुटों ने शिवसेना पर अपना-अपना दावा ठोका है और चुनाव चिह्न को भी अपना बताया है.
चुनाव आयोग ने शिंदे और उद्धव गुट से नये चुनाव चिह्न की प्राथमिकता के बारे में पूछा
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट से शिवसेना के नये चुनाव चिह्न की प्राथमिकता के बारे में पूछा और नये चुनाव चिह्न के लिए 10 अक्टूबर तक का समय दिया.
शिंदे और उद्धव गुट फिलहाल नहीं कर सकते शिवसेना के चुनाव चिह्न का प्रयोग
निर्वाचन आयोग ने ठाकरे और शिंदे गुटों को पार्टी के नाम और उसके चुनाव चिह्न का उपयोग करने से रोक दिया है. जिसके बाद एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट इसके चुनाव चिह्न का प्रयोग फिलहाल नहीं कर सकते हैं.
उपचुनाव के लिए दोनों गुटों को मिलेंगे अलग-अलग चुनाव चिह्न
चुनाव आयोग ने उप चुनाव के लिए दोनों गुटों से नये चुनाव चिह्न मांगे हैं, ताकि दोनों गुट उप चुनाव में मैदान पर उतर पायें. निर्वाचन आयोग ने अंतरिम फैसले में कहा कि महाराष्ट्र उपचुनाव में शिवसेना के दोनों गुट नये नामों का चयन कर सकते हैं, उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाएगा. 10 अक्टूबर को दोपहर एक बजे तक दोनों पक्षों को फ्री चुनाव चिह्न पेश करने के लिए कहा गया है.
शिंदे गुट ने अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर चुनाव चिह्न आवंटित करने की मांग की थी
मालूम हो एकनाथ शिंदे गुट ने एक ज्ञापन सौंपकर अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव के नजदीक होने के मद्देनजर तीर धनुष चुनाव चिह्न आवंटित करने की मांग की थी. आयोग ने ठाकरे को लिखे एक पत्र में उनसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ आठ अक्टूबर को अपराह्न दो बजे तक जवाब देने को कहा था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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