छात्रों की गूंज : राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम की सुरक्षा शर्तों में राजीव गांधी की हत्या का जिक्र
राहुल गांधी (File Photo)
Rahul Gandhi Indore: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि किसी पार्टी के कार्यक्रम की सुरक्षा शर्तों में पहली बार राजीव गांधी की हत्या का जिक्र किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस के दस्तावेज में इस घटना का उल्लेख किए जाने से सत्तारूढ़ बीजेपी की मंशा सामने आती है. पटवारी ने सुरक्षा शर्तों को लेकर सवाल उठाते हुए यह बात कही है.
Rahul Gandhi Indore: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर पहुंच चुके हैं. शनिवार (19 सितंबर) शाम शुरू होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले शहर की सुरक्षा कड़ी की गई है. कार्यक्रम को लेकर इंडियन एक्सप्रेस ने एक खबर प्रकाशित की है. इसमें कहा गया है कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने कांग्रेस के सामने सुरक्षा से जुड़ी 31 शर्तें रखी हैं. इनमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जुड़ी सुरक्षा चूक पर जस्टिस जेएस वर्मा आयोग की रिपोर्ट का हवाला भी दिया गया है. इसके अलावा कोचिंग सेंटर संचालकों से यह लिखित आश्वासन मांगा गया है कि अगर उनके छात्र कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो उनकी जिम्मेदारी तय होगी. पुलिस की इन शर्तों वाले दस्तावेज को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
दस्तावेज के अनुसार, आयोग ने कार्यक्रम के आयोजकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका की विस्तार से जांच की थी. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की मुख्य वजह कार्यक्रम आयोजकों का गैर-जिम्मेदार रवैया था. बता दें कि इसी दिन तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी. राजीव गांधी, राहुल गांधी के पिता थे. जस्टिस वर्मा आयोग का गठन राजीव गांधी की हत्या से पहले हुई सुरक्षा चूकों की जांच के लिए किया गया था.
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सुरक्षा इंतजामों के तहत एक नई शर्त जोड़ दी गई
इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. कार्यक्रम में अगर किसी कोचिंग सेंटर या हॉस्टल के छात्र शामिल होते हैं, तो संचालकों से ‘सुरक्षा का स्व-प्रमाण पत्र’ देने को कहा गया है. यानी उन्हें लिखित रूप से यह बताना होगा कि कार्यक्रम में जाने वाले उनके छात्रों की सुरक्षा को लेकर जरूरी जिम्मेदारी और व्यवस्था का ध्यान रखा गया है. सुरक्षा इंतजामों के तहत यह एक नई शर्त जोड़ी गई है. इस प्रमाण पत्र में कोचिंग सेंटर या हॉस्टल संचालक को यह लिखकर देना होगा कि अगर उनके छात्र कार्यक्रम में शामिल होते हैं और इस दौरान उन्हें स्वास्थ्य या सुरक्षा से जुड़ी कोई परेशानी होती है, दुर्घटना होती है या कोई दूसरी अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों और संबंधित संचालक की होगी.
सुरक्षा से जुड़ी शर्तों का दस्तावेज पुलिस ने कांग्रेस के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे को सौंपा
कार्यक्रम की अनुमति के साथ पुलिस ने कांग्रेस के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे को सुरक्षा से जुड़ी शर्तों का दस्तावेज भी सौंपा है. यह कार्यक्रम शनिवार को रीजनल पार्क के सामने स्थित आईडीए ग्राउंड में होना है. पुलिस ने कार्यक्रम में आने वाली भीड़ की पूरी जानकारी मांगी है. इसमें पुरुषों और महिलाओं की संख्या के साथ यह भी बताने को कहा गया है कि लोग किन जिलों, तहसीलों और कॉलेजों से आएंगे. इसके अलावा बस, प्राइवेट गाड़ियों और ट्रेन से आने वाले लोगों की संख्या की जानकारी भी मांगी गई है.
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गाड़ियों की पूरी जानकारी भी पुलिस से मांगी गई
आयोजकों से कार्यक्रम में आने वाले गाड़ियों की पूरी जानकारी भी मांगी गई है. इसमें गाड़ी का नंबर, ड्राइवर का नाम और मोबाइल नंबर, आने का रास्ता, पहुंचने का समय और पार्किंग की व्यवस्था शामिल है. पुलिस ने कार्यक्रम स्थल को अलग-अलग सेक्टर में बांटने को कहा है. हर सेक्टर में 2,000 से ज्यादा लोग नहीं होंगे और उसकी जिम्मेदारी एक प्रभारी की होगी. लोगों के आने-जाने के लिए पर्याप्त रास्ते भी बनाए जाएंगे. मंच के सामने 25 से 30 फीट जगह खाली रखनी होगी. इसके अलावा आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए 6 मीटर चौड़ा रास्ता हमेशा खाली रखना होगा.
सुरक्षा के लिए छह प्रवेश द्वार और आठ निकास द्वार बनाने को कहा गया
पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के लिए छह प्रवेश द्वार और आठ निकास द्वार बनाने को कहा है. हर गेट कम से कम छह मीटर चौड़ा होगा. लोगों की जांच के लिए 20 डोर-फ्रेम मेटल डिटेक्टर और 30 से 40 हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे. महिलाओं की जांच के लिए अलग व्यवस्था होगी. इसके लिए पर्याप्त संख्या में महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी, ताकि कार्यक्रम में आने वाली महिलाओं की जांच सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से हो सके.
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