फ्री में होगी मकान-प्लॉट की रजिस्ट्री! MP के 50 लाख लोगों को फायदा, Stamp Duty भी नहीं, जानें पूरी प्रक्रिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, फोटो- एएनआई
Free Property Registration: मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को राहत दी है. स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत करीब 50 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री मुफ्त की जाएगी. पात्र लोगों को न तो स्टांप ड्यूटी देनी होगी और न ही रजिस्ट्रेशन फीस.
Free Property Registration: मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की शुरुआत की. योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 50 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री मुफ्त की जाएगी. पात्र लोगों को इसके लिए स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी. इसका खर्च राज्य सरकार उठाएगी.
किन संपत्तियों की होगी मुफ्त रजिस्ट्री?
यह सुविधा मध्य प्रदेश के गांवों की हर संपत्ति के लिए नहीं है. योजना मुख्य रूप से ग्रामीण आबादी भूमि में स्वामित्व योजना के तहत तैयार किए की गई है. राज्य सरकार के मुताबिक 41,568 गांवों में अब तक 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं. इनमें करीब 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन करने का लक्ष्य है.
राज्य के सभी 55 जिलों में यदि किसी ने पीएमएवाई योजना के तहत घर या निजी घर बनाया है, तो ऐसे सभी घरों के पंजीकरण के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने का अभियान चलाया जाएगा. पटवारी घर-घर जाकर संपत्तियों के पंजीकरण में सहायता करेंगे- मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव
नहीं देनी होगी Stamp Duty और रजिस्ट्रेशन फी
पात्र संपत्ति के पंजीयन के लिए लाभार्थी से स्टांप ड्यूटी या रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी. इन शुल्कों का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. राज्य सरकार के अनुसार इस तरह स्वामित्व योजना के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन करने का फैसला लेने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है.
लाभ लेने के लिए क्या जरूरी है?
योजना के तहत आवेदन के लिए लाभार्थी के आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और सभी ID से e-KYC जरूरी होगी. भूमि स्वामी की आधार e-KYC और लैंड लिंकिंग भूलेख एप या पोर्टल के जरिए की जाएगी. आवेदन प्रक्रिया सारा एप और रजिस्ट्री की प्रक्रिया संपदा एप के माध्यम से पूरी की जाएगी.
घर-घर जाकर मदद करेंगे पटवारी
सरकार ने पटवारियों को निष्पादन अधिकारी बनाया है. तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, PCO और ADEO को पंजीयन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है. इससे पात्र लोगों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर पूरी हो सकेगी. पंजीयन पूरा होने के बाद रजिस्ट्री का दस्तावेज लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर व्हाट्स एप के जरिए भी उपलब्ध कराया जाएगा.
तीन चरणों में लगेंगे विशेष कैंप
गांव और पंचायत स्तर पर तीन चरणों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे. पहला चरण 17 से 19 सितंबर, दूसरा 24 से 26 सितंबर और तीसरा 1 से 3 अक्टूबर तक चलेगा. संबंधित जिला प्रशासन लाभार्थियों को शिविर की जानकारी देगा.
एक महीने में अभियान पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने राज्यव्यापी अभियान को करीब एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है. योजना से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए राज्य स्तर पर एक डेडिकेटेड हेल्पडेस्क भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है. 17 सितंबर को इंदौर में योजना की औपचारिक शुरुआत की गई.
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