इंदौर के सेंट्रल जेल में 17 कैदी और दो प्रहरी हुए कोरोना संक्रमित

देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर के केंद्रीय जेल के 9 और कैदी कोविड-19 से संक्रमित पाये गये हैं. नये मामलों के बाद जेल में महज 14 दिन के अंतराल में इस महामारी की जद में आये लोगों का आंकड़ा बढ़कर 19 पर पहुंच गया है जिनमें दो जेल प्रहरी भी शामिल हैं.
इंदौर (मध्यप्रदेश) : देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर के केंद्रीय जेल के 9 और कैदी कोविड-19 से संक्रमित पाये गये हैं. नये मामलों के बाद जेल में महज 14 दिन के अंतराल में इस महामारी की जद में आये लोगों का आंकड़ा बढ़कर 19 पर पहुंच गया है जिनमें दो जेल प्रहरी भी शामिल हैं.
केंद्रीय जेल के अधीक्षक राकेश कुमार भांगरे ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा को बताया, जेल के मुख्य परिसर से पहले ही पृथक कर एक अस्थायी कारागार में रखे गये 124 कैदियों में से नौ लोग जांच में कोविड-19 संक्रमित पाये गये हैं. इन कैदियों को स्क्रीनिंग के दौरान महामारी के लक्षण पाये जाने पर अलग किया गया था.
भांगरे ने बताया, अब तक हमारे जेल के कुल 17 कैदियों और दो प्रहरियों में कोविड-19 की पुष्टि हो चुकी है. उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन को संदेह है कि शहर के चंदन नगर में सात अप्रैल को कर्फ्यू ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस आरक्षक पर पथराव के आरोपियों में शामिल 58 वर्षीय व्यक्ति के सींखजों में बंद होने के बाद इस उच्च सुरक्षा वाले कारागार में संक्रमण फैला.
भांगरे ने बताया कि पथराव के मामले में 58 वर्षीय व्यक्ति का बेटा भी आरोपी भी है. पुलिस ने 25 साल के इस शख्स को मामले में तीन अन्य लोगों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर जबलपुर के जेल भेज दिया था. इंदौर स्थित केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने बताया, जबलपुर में करायी गयी जांच में 25 वर्षीय आरोपी में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी.
हमें 11 अप्रैल को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, हमने अपने जेल में बंद उसके पिता को तुरंत एक अस्पताल में भर्ती कराते हुए उसकी जांच करायी थी. जांच की 14 अप्रैल को आयी रिपोर्ट में वह भी कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया था. जेल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 1,230 कैदियों की क्षमता वाले केंद्रीय जेल में अभी करीब 2,050 लोग बंद हैं. उन्होंने बताया, हम जेल के सभी कैदियों की रोज स्क्रीनिंग कर रहे हैं. सर्दी-खांसी और बुखार की समस्या वाले कैदियों को लगातार पृथक किया जा रहा है.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
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करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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