Madhavi Latha: क्या माधवी लता ओवैसी के किले को ध्वस्त करने में होंगी कामयाब? 40 साल से मुस्लिमों का रहा है कब्जा
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 07 Apr 2024 5:43 PM
Kompella Madhavi Latha
Madhavi Latha: लोकसभा चुनाव 2024 का रोमांच अपने चरम पर है. बीजेपी, कांग्रेस सहित सभी पार्टियां पूरी तरह से चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं और जीत का दावा ठोक रही हैं. इस बार के चुनाव में एक-एक सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है. इस बीच हैदराबाद लोकसभा सीट की चर्चा अचानक होने लगी है. इस सीट पर पिछले 40 साल से मुस्लिम नेताओं का कब्जा रहा है. आगामी लोकसभा चुनाव के लिए इस सीट से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी फिर से चुनावी मैदान में हैं. लेकिन ओवैसी के खिलाफ बीजेपी ने एक ऐसी नेता को मैदान में उतार दिया है, जिससे मुकाबला रोमांचक हो गया है. हर ओर बीजेपी की उम्मीदवार माधवी लता कोम्पेला की ही चर्चा हो रही है.
Madhavi Latha: हैदराबाद लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता कोम्पेला सुर्खियों में तब आईं, जब उन्हें मशहूर टीवी शो ‘आप की अदालत’ में आमंत्रित किया गया. शो में वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के तीखे सवालों का उन्होंने जिस अंदाज में उत्तर दिया, उसकी हर ओर तारीफ की जा रही है. माधवी के कई वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं. माधवी के बेबाक अंदाज को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुश हो गए. पीएम मोदी ने बीजेपी उम्मीदवार की तारीफ करते हुए ट्वीट किया और आप की अदालत के खास शो को देखने की लोगों से अपील तक कर डाली. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘माधवी लता जी, आपका ‘आप की अदालत’ एपिसोड असाधारण है. आपने बहुत ठोस मुद्दे उठाए हैं और तर्क और जुनून के साथ ऐसा किया है. मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं. मैं सभी से आज सुबह 10 बजे या रात 10 बजे इस कार्यक्रम का दोबारा प्रसारण देखने का भी आग्रह करता हूं. आप सभी को यह बहुत जानकारीपूर्ण लगेगा. माधवी ने भी पीएम के ट्वीट का जवाब दिया और लिखा, मोदी जी मुझे निडर होकर सच बोलने की हिम्मत आपसे ही मिली है और हमारी पार्टी का आदर्श ‘सबका साथ सबका विकास’ ही मेरी प्रेरणा है. हम आखिरी सांस तक आपके दिखाए रास्ते पर चलेंगे और इस बार हैदराबाद लोकसभा में भाजपा की जीत सुनिश्चित करेंगे.
पिछले 40 साल से हैदराबाद लोकसभा सीट पर मुस्लिमों का रहा दबदबा
हैदराबाद लोकसभा सीट की बात करें, तो यहां पिछले 40 साल से मुस्लिम नेताओं को दबदबा रहा है. 1984 के बाद से अबतक यहां कोई भी हिंदू सांसद नहीं बना. 1984 में पहली बार सुल्तान सलाउद्दीन ओवैसी निर्दलीय चुनाव जीते थे. उसके बाद से 1999 तक वो वहां से लगातार सांसद चुने गए. सलाउद्दीन ओवैसी के निधन के बाद 2004 में असदुद्दीन ओवैसी पहली बार लोकसभा चुनाव हैदराबाद की सीट पर लड़ा और जीत दर्ज की. उसके बाद से ओवैसी लगातार वहां से सांसद चुने गए और अबतक एक बार भी नहीं हारे. लोकसभा चुनाव 2024 में एक बार फिर चुनावी दंगल में उतरे हैं.
माधवी लता का दावा वो हैदराबाद में नया उजाला लाएंगी
माधवी लता ने दावा किया है कि हैदराबाद आज तक अंधेरे में हैं, हम नया उजाला लेकर आएंगे. हिंदुत्व के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, हम इसलिए कट्टर हिंदूवादी हैं, क्योंकि मेरा मानना है कि मानव सेवा ही माधव सेवा है.
माधवी लता बोलीं- बच्चों की अच्छी परवरिश जरूरी
माधवी लता ने बच्चे पैदा नहीं करने की बात का खंडन किया और कहा- मैं मुस्लिम महिलाओं से कहती हूं कि आप पांडवों को पैदा करें, कौरवों को नहीं. माधवी लता का कहना है कि बच्चे उतने ने ही पैदा करने चाहिए जिनकी हम सही से परवरिश कर सके. टीवी शो में उन्होंने कहा कि साहब हम जिन मदरसों में जाते हैं, वहां फ्री में मेडिकल कैंप लगवाते हैं, फ्री में दवाइयां दी जाती हैं, खाना दिया जाता है. रोजा के समय भी हम मुस्लिमों को खाना देते हैं, लेकिन आप सभी चौंक जाएंगे कि कैंप के दौरान कुछ लोगों ने मुझसे कहा कि अम्मा- आप ये सब तो कर रही हैं, लेकिन हमारी पहचान आप मत बताना कि हमारे मदरसे का नाम क्या है, क्योंकि हमें धमकी दी जाती है.
माधवी लता ने दुल्हन की बिक्री पर चर्चा की
माधवी लता ने एक ऐसे मामले पर चर्चा की कि जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे. माधवी लता ने कहा कि पिछले दिनों की बात है, एक लड़की अपनी मां को फोन करती है और कहती है कि आप वहां पर दावत दे दीजिए, आपकी बेटी की 18वीं बार शादी हुई है. ये सच्चाई है कि एक 16 साल की लड़की की शादी एक 70 साल के पुरुष से कर दी जाती है. लड़की तो लड़की होती है, इसमें क्या मजहब? मेरी भी दो बेटियां हैं, हर मां चाहती है कि उसकी बेटी अच्छे से पढ़-लिख जाए और उसकी अच्छे घर में अच्छे लड़के से शादी हो जाए.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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