महिला नहीं हुई थी बेहोश, चीर दिया पेट

Updated at : 23 Nov 2016 6:11 AM (IST)
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महिला नहीं हुई थी बेहोश, चीर दिया पेट

चक्रधरपुर : अनुमंडल अस्पताल में महिलाओं के बंध्याकरण में लापरवाही बरती जा रही है. उक्त आरोप टोकलो निवासी अमलेश दास ने लगाया है. उन्होंने बताया कि बिना बेहोश किये ही उनकी पत्नी गुलसेन देवी का चिकित्सकों ने पीट चीर दिया. जिससे दर्द से कराहती हुई पत्नी गुलसेन ने ऑपरेशन करने नहीं दिया. टोकलो रोड निवासी […]

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चक्रधरपुर : अनुमंडल अस्पताल में महिलाओं के बंध्याकरण में लापरवाही बरती जा रही है. उक्त आरोप टोकलो निवासी अमलेश दास ने लगाया है. उन्होंने बताया कि बिना बेहोश किये ही उनकी पत्नी गुलसेन देवी का चिकित्सकों ने पीट चीर दिया. जिससे दर्द से कराहती हुई पत्नी गुलसेन ने ऑपरेशन करने नहीं दिया.

टोकलो रोड निवासी अमलेश दास ने बताया कि सोमवार को उनकी पत्नी गुलसेन देवी को बंध्याकरण करने के लिए सोमवार को अनुमंडल अस्पताल में भर्ती किया गया. अस्पताल में पंजीकरण के बाद करीब साढ़े 12 बजे उनकी पत्नी गुलसेन को तीन इंजेक्शन दिये गये. कुछ देर बाद चिकित्सक पी प्रधान व डॉ अंजना कुमारी ने बंध्याकरण ऑपरेशन शुरू किया. चिकित्सकों ने जैसे ही गुलसेन देवी का पेट चीरा वह दर्द से कराहने लगी. ओटी में जोर-जोर से चिल्लाने लगी.

पत्नी की चिल्लाहट सुन अमलेश अस्पताल में हंगामा करने लगे. ओटी का दरवाजा भी खोलने की उन्होंने कोशिश की. महिला गुलसेन देवी की चिल्लाहट व दर्द को देखते हुए चिकित्सकों ने बंध्याकरण नहीं किया और महिला के पेट को पुन: सिल दिया. जिसके बाद पति अमलेश पत्नी को लेकर घर आ गये. अमलेश ने कहा कि चिकित्सक मनमानी ढ़ंग से ऑपरेशन कर गरीबों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.

बंध्याकरण में लापरवाही: अस्पताल से बिना आॅपरेशन कराये भागी महिला
डर से रेणुका देवी ने शिविर में नहीं कराया ऑपरेशन
बांध्याकरण शिविर में हो हल्ला को देख कर उसी मोहल्ला के निवासी रेणुका देवी अस्पताल से भाग गयी. जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में जैसे-तैसे बंध्याकरण किया जा रहा है. ऑपरेशन के दौरान एक महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी. जिससे हम डर गये, और अस्पताल से भाग कर घर आ गये.
एनेस्थेसिया दिया गया था, बेहोश नहीं हुई महिला : डॉ अंजना
अनुमंडल अस्पताल की महिला बांध्याकरण टीम में शामिल डॉ अंजना कुमारी ने कहा कि ऑपरेशन से पहले महिला गुलसेन देवी को एनेस्थेसिया दिया गया था. परंतु महिला बेहोश नहीं हुई. जैसे ऑपरेशन शुरू किया गया, तो महिला चिल्लाने लगी. जिसके बाद उसका ऑपरेशन रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन टीम में अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएन सोरेन, डॉ पी प्रधान भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि सोमवार को महिला बंध्याकरण शिविर में कुल आठ महिलाओं का सफल बंध्याकरण किया गया. सभी महिलाओं की स्थिति बेहतर है.
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