चार माह में ढहने लगी एक करोड़ की पुलिया

Updated at : 26 Nov 2017 5:45 AM (IST)
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चार माह में ढहने लगी एक करोड़ की पुलिया

नोवामुंडी. दूधबिला में देवनदी पर बन रही पुलिया में गड़बड़ी जांच से टीम संतुष्ट नहीं, एक बार फिर से होगी पुलिया की जांच संवेदक व अभियंता पर कार्रवाई की अनुशंसा करेगी जांच टीम चाईबासा : नोवामुंडी प्रखंड के दूधबिला गांव के पास देवनदी पर बन रही पुलिया चार माह में ही ढ़हने लगी है. पुलिया […]

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नोवामुंडी. दूधबिला में देवनदी पर बन रही पुलिया में गड़बड़ी

जांच से टीम संतुष्ट नहीं, एक बार फिर से होगी पुलिया की जांच
संवेदक व अभियंता पर कार्रवाई की अनुशंसा करेगी जांच टीम
चाईबासा : नोवामुंडी प्रखंड के दूधबिला गांव के पास देवनदी पर बन रही पुलिया चार माह में ही ढ़हने लगी है. पुलिया निर्माण में घटिया स्तर की सीमेंट, बालू व गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है. इस तथ्य का खुलासा शनिवार को एनइपी डायरेक्टर संदीप बख्शी, जिला परिषद अध्यक्ष लालमुनी पुरती, श्रम अधीक्षक धीरेंद्र महतो की जांच से हुआ है. जांच टीम ने छोटी हथौड़ी से पुलिया पर प्रहार कर देखा. छोटी हथौड़ी के प्रहार से पुलिया के स्तंभ से निर्माण सामग्री झड़ने लगी. जगह-जगह से स्तंभ में उपयोग की गयी निर्माण सामग्री झड़ रही है.
स्तंभ के पास झड़ी निर्माण सामग्री का ढेर लग गया है. टीम को कई स्तर पर गड़बड़ी मिली. ड्रिलिंग मशीन नहीं होने के कारण पुलिया की गहराई की माप नहीं हो सकी. इस कारण टीम ने एक बार फिर से पुलिया की जांच करने का निर्णय लिया. जिप अध्यक्ष लालमुनी पूर्ति ने बताया कि जांच टीम पुलिया के संवेदक और अभियंता पर कार्रवाई की अनुशंसा करेगी. मौके पर जिला परिषद सदस्य शंभु हाजरा, सहायक अभियंता खलको, कनीय अभियंता मो वसीम आदि उपस्थित थे.
मजदूरों को मिल रही कम मजदूरी
जांच टीम ने मजदूरों को कम मजदूरी की भी जांच की. जांच में पाया गया कि पुरुष मजदूरों को दो सौ तथा महिला मजदूरों को 180 रुपये ही दिया जा रहा है, जो न्यूनतम मजदूरी दर का उल्लंघन है. संवेदक ने मजदूरों का रजिस्ट्रेशन भी श्रम विभाग में नहीं करवाया था.
उपायुक्त के नेतृत्व में गठित टीम की जांच से हुआ खुलासा
आनन-फानन में तोड़ा गया पुलिया का कमजोर हिस्सा
जांच टीम के आने की सूचना पर पुलिया का कमजोर हिस्सा पहले से ही तोड़ दिया गया था. जांच में पुलिया की खामियां बड़े पैमाने पर ना सामने आ जाये, इस उद्देश्य से कमजोर हिस्से को पहले की तोड़ दिया गया था. इस तथ्य को भी जांच टीम ने पकड़ी. जांच टीम ने माना कि पुलिया की कमजोर हिस्से को तोड़कर पुलिया के कमजोर होने के साक्ष्य को छुपाने की कोशिश की गयी है.
ग्रामीण विकास विभाग से बन रही पुलिया, रांची का संवेदक
पुलिया का निर्माण ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल की ओर से कराया जा रहा है. रांची की श्रृति कंस्ट्रक्शन कंपनी पुलिया निर्माण योजना की संवेदक है. पुलिया निर्माण में अनियमितता जांच की मांग जिला परिषद अध्यक्ष ने की थी. इस पर उपायुक्त ने जांच टीम गठित कर पुलिया की जांच करने का निर्देश दिया था.
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