बिजली का नया तार लगाने के नाम पर संवेदक ने बिना अनुमति काट डाले एक दर्जन से भी ज्यादा पेड़

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रविकांत साहू, सिमडेगा बिजली का नया तार लगाने के नाम पर संवेदक द्वारा शहरी क्षेत्र में लगभग एक दर्जन से भी ज्यादा पेड़ों की कटाई बिना अनुमति के कर दी गयी. जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में 11 हजार का नया तार आरपीपीआरपी योजना के तहत लगाने का कार्य अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड के द्वारा किया […]

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रविकांत साहू, सिमडेगा

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बिजली का नया तार लगाने के नाम पर संवेदक द्वारा शहरी क्षेत्र में लगभग एक दर्जन से भी ज्यादा पेड़ों की कटाई बिना अनुमति के कर दी गयी. जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में 11 हजार का नया तार आरपीपीआरपी योजना के तहत लगाने का कार्य अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड के द्वारा किया जा रहा है. कंपनी द्���ारा 11 हजार तार लगाये जाने के रास्ते में जितने भी छोटे पेड़ थे उसे पूरी तरह से काट दिया गया.

जबकि समाहरणालय के निकट लंबे-लंबे पेड़ों की छंटाई कर दी गयी है. शहरी क्षेत्र में लगभग एक दर्जन से भी ज्यादा पेड़ों की कटाई वन विभाग की बिना अनुमति के ही कर दी गयी. इधर इस मामले को लेकर नगर अपना संस्था के संस्थापक चंदन डे ने बिजली विभाग, वन विभाग एवं एसडीओ को एक आवेदन सौंपकर कहा कि शहरी क्षेत्र में बिजली तार लगाने के नाम पर बेवजह पेड़ों की कटाई एवं उसे क्षति पहुंचाने का कार्य किया गया है.

उक्त आशय का पत्र अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा भी वन विभाग को भेजा गया. इधर लोगों का कहना है कि समाहरणालय के निकट बड़े-बड़े पेड़ है. किंतु वहां पर तार लगाने के नाम पर सिर्फ टहनियों की छंटाई की गयी, जबकि शहरी क्षेत्र में छोटे-छोटे पेड़ों को बेरहमी से काट कर बरबाद कर दिया गया. इतना ही नहीं काटे गये पेड़ की डाली व टहनियां भी गायब हो गयीं.

क्‍या कहना है वन विभाग का

वन विभाग ने पत्रांक 111 दिनांक 22 अगस्त 19 के माध्यम से वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रवेश अग्रवाल ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को एक पत्र भेजकर कहा है कि किसी भी कार्य के लिए पेड़ों की कटाई एवं छटाई से पहले वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना पड़ता है. किंतु आपके द्वारा ऐसा नहीं किया गया है. वन विभाग द्वारा भेजे गये पत्र में विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता से पूछा गया है कि बिना अनापत्ति पत्र के ही किस परिस्थिति में वृक्षों की कटाई, छटाई एवं पातन कार्य किया गया.

क्‍या कहना है बिजली विभाग का

इधर विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता विशेवर मरांडी ने उक्त मामले में बताया कि शहरी क्षेत्र में आरपीपीआरपी योजना के तहत 11 हजार वोल्‍ट का विद्युत लाइन खींचने का काम किया जा रहा है. उक्त कार्य अशोका बिल्डकॉम लिमिटेड के द्वारा किया जा रहा है. कंपनी के पर्यवेक्षक द्वारा लापरवाही बरती गयी है. इस मामले में कंपनी के पर्यवेक्षक के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

किसी भी स्तर पर काम बंद करने का आदेश नहीं दिया गया

पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद शहरी क्षेत्र में नया विद्युत लाईन के लिए तार खींचने का कार्य रोक दिया गया है. किंतु यहां पर बता दें कि किसी भी विभाग के द्वारा संवेदक को तार खींचने के कार्य को बंद करने आदेश नहीं दिया है. जबकि कंपनी द्वारा तार खींचने के कार्य को रोक दिया गया है. सूत्रों के अनुसार कंपनी द्वारा शहरी क्षेत्र के अन्य इलाकों में कार्य किया जा रहा है.

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