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साहूकार व जमींदारी प्रथा के खिलाफ हुआ था विद्रोह : प्राचार्य

Updated at : 30 Jun 2025 8:48 PM (IST)
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साहूकार व जमींदारी प्रथा के खिलाफ हुआ था विद्रोह : प्राचार्य

समाज में अन्याय के खिलाफ यह विद्रोह था.

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साहिबगंज. साहिबगंज कॉलेज के बीएड भवन में हूल दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जंगल, जमीन और अस्मिता की रक्षा के लिए अंग्रेजों के खिलाफ 30 जून 1855 को सिदो-कान्हू, चादं, भैरव व फुलो, झानो भाई-बहनों के नेतृत्व में हजारों की संख्या में जो सशक्त विद्रोह किया था. उसकी याद में पूरे राज्य में कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. प्राचार्य प्रोफेसर सैयद रजा इमाम रिजवी की अध्यक्षता में सर्वप्रथम विचार बीएड विभाग के प्राध्यापक डॉक्टर जयशंकर सिंह ने रखा. इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉक्टर दिनेश कुमार यादव ने कहा की संपूर्ण समाज में अन्याय के खिलाफ यह विद्रोह था. विद्रोह केवल अंग्रेजों के खिलाफ नहीं बल्कि साहूकार, जमींदार अन्यायों के खिलाफ भी था. उन्होंने शहीद स्थल भोगनाडीह से दुमका तक रेल परिचालन की मांग की. विभाग के प्राध्यापक कसीमुद्दीन अंसारी ने अपने विचार प्रस्तुति में कहा कि सिपाही विद्रोह से पहले हुआ. इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मरियम हेंब्रम, प्रोफेसर क्रिस्टीना देवगन ने भी अपने विचार रखे. विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर राजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया. मंच पर रसायन शास्त्र विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर पोधो सोरेन, मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ श्रीराम सिंह मुंडा उपस्थिति थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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