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लीड : साहिबगंज में बाढ़ का कहर, 35,000 से ज्यादा जिंदगियां प्रभावित

Updated at : 12 Aug 2025 5:21 PM (IST)
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लीड : साहिबगंज में बाढ़ का कहर, 35,000 से ज्यादा जिंदगियां प्रभावित

साहिबगंज में बाढ़ का कहर, 35,000 से ज्यादा जिंदगियां प्रभावित

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त्रासदी. शहर के मास्टर कॉलोनी, बनिया पटटी दहला, नया टोला में घुसा गंगा का पानी

संवाददाता, साहिबगंज

गंगा नदी के रौद्र रूप ने साहिबगंज जिले में भारी तबाही मचायी है. सदर, राजमहल, उधवा, तालझारी और मंडरो के दियारा क्षेत्रों में 35,000 से ज्यादा लोग पूरी तरह से आमजीवन से कट गये हैं और टापुओं पर शरण लेने को मजबूर हैं. उनकी जिंदगी अब पूरी तरह से राहत और बचाव कार्यों पर निर्भर हो गयी है. शहर का हाल भी कुछ ऐसा ही है. नगर परिषद क्षेत्र के 11 वार्डों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे भरतिया कॉलोनी, रसूलपुर दहला, नया टोला, हरीपुर, और हबीबपुर जैसे मुहल्लों में सैकड़ों घर जलमग्न हो गये हैं. मंगलवार को बनिया पट्टी दहला, मास्टर कॉलोनी, और सकरोगढ़ नया टोला जैसे नए इलाकों में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गयीं. भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी यादव के घर तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है.

बाढ़ के कारण अंधेरे में कट रहीं रातें और कैद में जिंदगी

बाढ़ ने लोगों की जिंदगी को चौतरफा मुश्किल बना दिया है. कई मुहल्लों में बिजली काट दी गयी है, जिससे हजारों लोग रातें अंधेरे में गुजारने को मजबूर हैं. लोगों का घरों से निकलना लगभग नामुमकिन हो गया है. जरूरी कामों के लिए छोटी नाव (डेंगी) ही एकमात्र सहारा है. मासूम बच्चे भी अपनी जान जोखिम में डालकर नाव से सफर कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गंगा किनारे के स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है, जबकि नगर परिषद टैंकरों के जरिए पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है.

राहत की खबर, पर खतरा बरकरार

इस बीच एक मामूली राहत की ख़बर है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर, जो मंगलवार को खतरे के निशान से 1.37 मीटर ऊपर था, अब स्थिर हो गया है. अगले 24 घंटों में इसमें 14 सेंटीमीटर की कमी आने की संभावना है. हालांकि, खतरा अभी टला नहीं है. चानन में सीवरेज प्लांट के पास गंगा नदी से हो रहे कटाव ने एक नयी चिंता खड़ी कर दी है. कटाव के कारण प्लांट की चहारदीवारी गिरने की कगार पर है, जो एक और आपदा को न्योता दे सकता है. लोग अपने मवेशियों के साथ गंगा तट पर डेरा डाले हुए हैं, और उनकी आंखों में आने वाले कल को लेकर अनिश्चितता और भय साफ़ देखा जा सकता है.

क्या कहते हैं एसी

गंगा के बाढ़ को देखते हुए सदर, राजमहल, उधवा में राहत सामग्री वितरित किया जा रहा है. मानव व पशु कैंप में पदाधिकारी नजर बनाये हुए हैं. प्रशासन सर्वे कर राहत सामग्री और बांटेगा.

गौतम भगत, एसी, साहिबगंज

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUNIL THAKUR

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By SUNIL THAKUR

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