पहाड़िया गांव बांसपहाड़ में अबतक नहीं पहुंची विकास की गाड़ी

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पहाड़िया गांव बांसपहाड़ में अबतक नहीं पहुंची विकास की गाड़ी

सरकार आदिम जनजाति पहाड़िया परिवारों को सुविधाएं देने के लिए करोड़ों कर रही खर्च

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बोरियो

सूबे की सरकार पहाड़ों पर बसे आदिम जनजाति पहाड़िया परिवार को मूलभूत आवश्यकताओं को मुहैया कराने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है. बाबजूद, बोरियो प्रखंड के दर्जनों पहाड़िया गांव विकास का बाट जोह रहा है. पहाड़िया परिवारों को अब भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली है. बोरियो प्रखंड के मोतिपहाडी बड़ा पंचायत अंतर्गत बांस पहाड़ में दो दर्जन पहाड़िया परिवार गुजर बसर करते हैं. अपने सीमित संसाधनों के साथ पहाड़िया परिवार का जीवन गुजर हो रहा है. गांव तक जाने के लिए पहुंच सड़क नहीं है, जिससे गांव में आज तक विकास की गाड़ी नहीं पहुंच सकी है. गांव में पीने के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है. बिजली के तार और खंबे लगे है, लेकिन बिजली नहीं है. लोग बताते हैं कि गांव से काफी दूर विद्यालय है, जिस कारण बच्चे विद्यालय नहीं जाते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि गांव के दूसरे टोले में आंगनबाड़ी केंद्र है, लेकिन नियमित रूप से संचालन नहीं होता है. ऐसे में नौनिहालों का बौद्धिक एवं शारीरिक विकास कैसे होगा? ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पेयजल के लिए बोरिंग करायी गयी थी, लेकिन गर्मी में बोरिंग का पानी सुख जाता है. ग्रामीणों ने गांव तक पहुंच सड़क बनाने, बिजली आपूर्ति बहाल करने, पेयजल की समुचित व्यवस्था करने समेत अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है. मौके पर बबलू मालतो, रूपी पहाड़िन, बुधना पहाड़िया, चांदू पहाड़िया, अजरा पहाड़िया, रामा पहाड़िया, देवा पहाड़िया सहित अन्य मौजूद थे. बोरियो बीडीओ नागेश्वर साव ने कहा कि गांव के विकास के लिए प्रखंड हर संभव प्रयास कर रहे हैं.

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Abdhesh Singh

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