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साहिबगंज जिले में 3410 नया राशन कार्ड आवेदन है पेंडिंग

Updated at : 15 Nov 2025 9:57 PM (IST)
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sahibganj

साहिबगंज (फाइल फोटो)

अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं लाभुक

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राजमहल

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सब्सिडी दर पर अनाज उपलब्ध कराना है. इसी के तहत राशन कार्ड सिर्फ खाद्यान्न प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज भी बन गया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अपना अधिकार प्राप्त करता है. पिछले कई वर्षों से केंद्र और राज्य सरकारें राशन कार्ड व्यवस्था को पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन पर जोर दे रही हैं, ताकि कार्डधारक, दुकानदार, विभाग और सरकार के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके तथा फर्जी और अयोग्य कार्डों को समाप्त किया जा सके. इसी दिशा में साहिबगंज जिले में भी तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं. सरकार ने राशन वितरण से संबंधित सभी डेटा को सार्वजनिक करने, डुप्लीकेट कार्ड खत्म करने, प्रत्येक व्यक्ति के नाम पर केवल एक कार्ड सुनिश्चित करने, राशन उठाव के समय बायोमीट्रिक सत्यापन लागू करने और ई-पॉस मशीनों के सही उपयोग पर बल दिया है. साथ ही राशन वितरण की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे दुकानदारों की हेराफेरी पर रोक लगायी जा सके. जिले में नए राशन कार्ड, डीलर ट्रांसफर, नाम सुधार, आधार अपडेट, सदस्य जोड़ने और कार्ड सरेंडर से जुड़े कार्य समय पर पूरे करने के लिए विभाग प्रयासरत है. हालांकि यह प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण भी सिद्ध हो रही है, क्योंकि सभी आवेदनों का समय पर निपटारा करना कठिन हो रहा है. डिजिटलाइजेशन और ई-केवाईसी के बाद साहिबगंज जिले में सैकड़ों अयोग्य लोगों के नाम हटाए गए हैं. इसके बावजूद जिले में अब भी हज़ारों आवेदन लंबित पड़े हैं. कई आवेदकों ने शिकायत की है कि उनका आवेदन बिना किसी कारण के दो से तीन बार तक रिजेक्ट कर दिया जाता है, जिससे उनका विभाग पर भरोसा टूट रहा है. ऐसे भी मामले सामने आए हैं जहां पात्र बीपीएल परिवारों को कार्ड नहीं मिल पा रहा, जबकि टैक्सपेयर या अन्य सक्षम लोग फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवा लेते हैं और विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाते हैं. इससे वास्तविक लाभुक वंचित रह जाते हैं. लंबित आवेदनों के कारण कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं. राशन कार्ड में त्रुटि सुधार नहीं होने पर आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता. सदस्य जोड़ने में देरी से पात्र परिवारजन योजना से बाहर रह जाते हैं. डीलर ट्रांसफर न होने पर कार्डधारक को दूर जाकर राशन लेना पड़ता है. कई कार्ड सरेंडर करने के आवेदन भी पेंडिंग हैं, जिसके कारण न तो कार्डधारी नया कार्ड बनवा पाता है और न ही विभाग रिकॉर्ड अपडेट कर पाता है. राजमहल और उधवा प्रखंड के कई आवेदकों ने विभागीय अधिकारियों से लंबित आवेदनों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है. राज्य सरकार ने 18 नवंबर से जिले के सभी प्रखंडों में “आपकी योजना – आपकी सरकार – आपके द्वार” कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है, जिसके तहत फिर से हजारों नए आवेदन आने की संभावना है. ऐसे में समय पर सभी आवेदनों का निपटारा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.

क्या कहते हैं डीएसओ :

सभी आवेदनों पर निरंतर कार्य किया जा रहा है. जल्द ही सभी पेंडिंग आवेदन पर कार्रवाई होगी. जनता दरबार में खाद्य आपूर्ति विभाग का अलग स्टॉल लगाए जाएंगे. इस पर सभी प्रखंड को निर्देश दिया गया है. सभी आवेदन पर कार्रवाई होगी.

– झुनु कुमार मिश्रा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, साहिबगंज

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ABDHESH SINGH

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