तीन साल से लैप्स पेपर पर हो रहा है योजनाओं का काम

ग्रामीण कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का कार्यादेश लैप्स पेपर पर दिया जा रहा है. तीन साल से यही व्यवस्था चल रही है.
रांची. ग्रामीण कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का कार्यादेश लैप्स पेपर पर दिया जा रहा है. तीन साल से यही व्यवस्था चल रही है. यहां के ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन पेपर रिन्युअल नहीं हो रहा है. वहीं नया रजिस्ट्रेशन भी बंद है. ऐसे में विभाग ने यह अनुमति दी है कि जिनका रजिस्ट्रेशन लैप्स हो गया है, उन्हें भी काम दिया जायेगा. उन्हें टेंडर भरने की अनुमति दी गयी है और काम भी दिया जा रहा है. रजिस्ट्रेशन लैप्स होने पर केवल विभाग द्वारा निर्गत एक पत्र अटैच करके देना पड़ रहा है. इसके आधार पर कार्यादेश भी मिल जा रहा है.
क्यों हुई है यह स्थिति
विभाग जिस पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन या नवीकरण करता था, अब वह एक्टिव नहीं है. पहले एनआइसी झारखंड द्वारा निबंधन के लिए जिस पोर्टल का इस्तेमाल किया जा रहा था, उसे बंद कर दिया गया है. ऐसे में वर्ष 2021-22 से ही निबंधन व नवीकरण दोनों का काम नहीं हो रहा है. इस कारण सैकड़ों ठेकेदार फंस गये हैं. उनका रजिस्ट्रेशन लैप्स हो गया है. वे लगातार विभाग में नवीकरण के लिए आवेदन देते रहे हैं.
फंस गयी थी योजनाएं, लेना पड़ा फैसला
रजिस्ट्रेशन लैप्स होने के कारण योजनाएं फंसने लगीं. काम करनेवाले नहीं मिलने लगे. ऐसे में विभाग ने यह फैसला लिया कि उन्हें टेंडर में तब तक भाग लेने की अनुमति दी जाये, जब तक कि विभाग की ओर से नवीकरण व निबंधन के लिए कोई नया निर्णय नहीं लिया जाता. विभाग को अब नये पोर्टल की जरूरत है, हालांकि इस दिशा में आगे नहीं बढ़ा जा सका है.
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