झारखंड की समृद्ध भाषा में उर्दू भी शामिल हैं : डॉ रिजवान अली

Updated at : 25 Apr 2024 6:54 PM (IST)
विज्ञापन
झारखंड की समृद्ध भाषा में उर्दू भी शामिल हैं : डॉ रिजवान अली

रांची विवि स्नातकोत्तर उर्दू विभाग में झारखंड की हिंदी-आर्य भाषाएं और उर्दू : पृष्ठ भूमि और समानताएं विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया.

विज्ञापन

रांची. रांची विवि स्नातकोत्तर उर्दू विभाग में झारखंड की हिंदी-आर्य भाषाएं और उर्दू : पृष्ठ भूमि और समानताएं विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता बांग्ला विभाग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता सेन ने कहा कि बांग्ला भाषा में भी उर्दू शब्द घुल-मिल गया है. उन्होंने कहा कि सारी भाषाओं का काम समाज में संवाद स्थापित करना है और प्रेम भाव बढ़ाना है. संस्कृत की विभागाध्यक्ष डॉ उषा टोप्पो ने कहा कि उर्दू के मुहावरे जन मानस की भाषा का अभिन्न अंग बन गये हैं. उर्दू विभाग के डॉ एजाज अहमद ने कहा कि उर्दू और हिंदी भाषा में बहुत समानताएं हैं, लेकिन लिपी के कारण जनता उर्दू के विशाल साहित्य से अनभिज्ञ हैं. पीजी उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ रिजवान अली ने कहा कि झारखंड की सभी भारतीय भाषाओं जैसे बांग्ला, नागपुरी, खोरठा, मगही, भोजपुरी, उड़िया, पंचपरगनिया, अंगिका, भोजपुरी के साथ उर्दू भाषा भी झारखंड की समृद्ध भाषा है. उन्होंने कहा कि लिपि से अलग व्याकरण और शब्दावली का वृहद शब्द कोष संस्कृत, पाली और प्राकृत के तदभव और तत्सम के योग से बने हैं. सेमिनार का संचालन इंतखाब अली और शमसुल हक ने संयुक्त रूप से किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ हैदर अली ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola