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आदिवासियों को जमीन पर नहीं मिला मालिकाना हक : रतन तिर्की

Updated at : 14 Jun 2025 1:11 AM (IST)
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आदिवासियों को जमीन पर नहीं मिला मालिकाना हक : रतन तिर्की

पश्चिम बंगाल में संविधान जागार यात्रा

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: पश्चिम बंगाल में संविधान जागार यात्रा रांची. सामाजिक कार्यकर्ता रतन तिर्की ने पश्चिम बंगाल के संताल बहुल इलाकों में संविधान जागार यात्रा की. यात्रा के क्रम में उन्होंने संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संविधान को लेकर समझ बढ़ाने के लिए आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. रतन तिर्की ने भारतीय संविधान की महत्ता, संविधान के मूल्यों, पश्चिम बंगाल में आदिवासियों की स्थिति, जनसंख्या, वनाधिकार कानून, वनों के संरक्षण, राजनीतिक सामाजिक संगठनों की भूमिका पर जानकारी दी. यात्रा के दौरान रतन तिर्की ने विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की. कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना की प्रतियों का वितरण भी किया गया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 56 लाख से ज्यादा आदिवासी निवास करते हैं, जिनमें दार्जलिंग डुआर्स, सिक्किम, सिलीगुड़ी और उससे सटे जिलों में आदिवासियों को जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिल पाया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आदिवासियों को जमीन का पट्टा देना चाहतीं हैं. बंगाल के डुआर्स क्षेत्रों और सिलीगुड़ी के जंगलों में हमारे पुरखों ने दो सौ साल से ज्यादा समय से जंगलों को बचाने और इन क्षेत्रों में चाय बगान बना कर बंगाल की आर्थिक संरचना को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. कार्यक्रम में शिवशंकर हांसदा सहित अन्य लोगों ने भी सहयोग किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPESH KUMAR

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