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झारखंड में 30 लाख पेड़ लगाने वाली सरायकेला की चामी मुर्मू को पद्म श्री पुरस्कार

सरायकेला-खरसावां जिले की रहने वाली आदिवासी महिला चामी मुर्मू ने पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काफी काम किया है. पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान के लिए समाज सेवा के क्षेत्र में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

झारखंड की चामी मुर्मू को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. भारत सरकार की ओर से इसकी घोषणा कर दी गई है. 52 साल की चामी मुर्मू को देश भर में ‘सरायकेला की सहयोगी’ के नाम से जाना जाता है. सरायकेला-खरसावां जिले की रहने वाली आदिवासी महिला चामी मुर्मू ने पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काफी काम किया है. 3,000 महिलाओं के साथ मिलकर चामी ने 30 लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं. पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान के लिए समाज सेवा के क्षेत्र में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणा सरकार की ओर से की गई है. प्रभात खबर ने वर्ष 2017 में चामी मुर्मू को ‘अपराजिता सम्मान’ से सम्मानित किया था.

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सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर की रहने वाली चामी मुर्मू लेडी टार्जन के नाम से भी मशहूर हैं. उन्होंने 30 हजार से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जोड़ा है. एसएचजी से जुड़ने के बाद 40 से अधिक गांवों की इन महिलाओं के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आया. चामी मुर्मू ने इन्हें रोजगार से जोड़ा, जिसकी वजह से उनके सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ. महिलाएं सशक्त हुईं.

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झारखंड में 30 लाख पेड़ लगाने वाली सरायकेला की चामी मुर्मू को पद्म श्री पुरस्कार 3
लकड़ी माफिया और नक्सली गतिविधियों के खिलाफ भी लड़ीं

इतना ही नहीं, चामी मुर्मू ने ‘सहयोगी महिला’ नामक एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के जरिए कई सामाजिक काम किए. सुरक्षित मातृत्व पर उन्होंने जोर दिया. एनीमिया और कुपोषण के अलावा किशोरी शिक्षा की दिशा में भी काम किया. चामी मुर्मू ने वन की अवैध कटाई के खिलाफ जंग छेड़ी. उन्होंने लकड़ी माफिया और नक्सली गतिविधियों के खिलाफ भी पूरे समर्पण के साथ अभियान चलाया. जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उनके कार्यों की वजह से ही उन्हें लेडी टार्जन का दर्जा मिल चुका है.

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चामी मुर्मू को पद्म श्री दिए जाने की घोषणा पर केंद्रीय कृषि तथा जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने बधाई दी है. उन्होंने कहा कि चामी मुर्मू ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया है. चामी मुर्मू ने अपने सहयोगियों के साथ न सिर्फ 30 लाख से अधिक पेड़ लगाए, बल्कि लोगों को भी पौधरोपण, पौधों एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया. उन्होंने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी काम किया है.

Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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