बिना नक्शा के बने भवनों में लॉज-हॉस्टल के संचालन की अनुमति नहीं
रांची नगर निगम क्षेत्र में लॉज व हॉस्टल का संचालन करने की अनुमति उसी भवन को दी जायेगी, जिसके पास स्वीकृत नक्शा होगा. जिन भवनों का नक्शा पास नहीं है, उसे नगर निगम लाइसेंस नहीं जारी करेगा. हालांकि इस नियम में संशोधन के लिए नगर निगम द्वारा नौ जून को बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाया गया था. इसमें निर्णय लिया गया था कि शहर के ऐसे मकान जिसका निर्माण 2010 से पहले हुआ है, उसमें लॉज व हॉस्टल के संचालन के लिए नक्शा की बाध्यता को समाप्त की जायेगी.
रांची : रांची नगर निगम क्षेत्र में लॉज व हॉस्टल का संचालन करने की अनुमति उसी भवन को दी जायेगी, जिसके पास स्वीकृत नक्शा होगा. जिन भवनों का नक्शा पास नहीं है, उसे नगर निगम लाइसेंस नहीं जारी करेगा. हालांकि इस नियम में संशोधन के लिए नगर निगम द्वारा नौ जून को बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाया गया था. इसमें निर्णय लिया गया था कि शहर के ऐसे मकान जिसका निर्माण 2010 से पहले हुआ है, उसमें लॉज व हॉस्टल के संचालन के लिए नक्शा की बाध्यता को समाप्त की जायेगी.
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इसके लिए सरकार के पास प्रस्ताव भी भेजा गया है. लेकिन सरकार से किसी प्रकार दिशा-निर्देश नहीं आने तक निगम अपने पूर्व के बनाये नियमों के आधार पर ही लॉज व हॉस्टल को लाइसेंस जारी करेगा. इस संबंध में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि पुराने भवनों को नक्शा से राहत मिले. इसके लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है. सरकार का दिशा-निर्देश मिलने के साथ ही निगम नया नियम लागू करेगा.
10 हजार से अधिक लॉज चलते हैं बिना लाइसेंस के : एक अनुमान के मुताबिक, नगर निगम क्षेत्र में 10 हजार से अधिक भवन ऐसे हैं, जिनका संचालन लॉज व हॉस्टल के तौर पर किया जाता है. नक्शा की अनिवार्यता रखे जाने के कारण अधिकतर घर मालिक लाइसेंस के लिए निगम में आवेदन करते ही नहीं हैं. अगर कोई आवेदन करता भी है, तो उसके आवेदन को यह आधार बना कर रिजेक्ट कर दिया जाता है कि भवन का नक्शा पास नहीं है.
इन शर्तों का पालन करना जरूरी : लॉज व हॉस्टल के संचालन के लिए नगर निगम द्वारा नियमावली बनायी गयी है. इसके तहत उन भवनों को ही निगम लाइसेंस जारी करेगा, जिसका नक्शा पास होगा. भवन में सिक्यूरिटी गार्ड, सीसीटीवी कैमरा, फायर फाइटिंग सिस्टम, पार्किंग व पर्याप्त ओपेन स्पेस होना चाहिए. एक अनुमान के मुताबिक, नगर निगम क्षेत्र में 10 हजार से अधिक भवन ऐसे हैं, जिनका संचालन लॉज व हॉस्टल के तौर पर किया जाता है.
नक्शा की अनिवार्यता रखे जाने के कारण अधिकतर घर मालिक लाइसेंस के लिए निगम में आवेदन करते ही नहीं हैं. अगर कोई आवेदन करता भी है, तो उसके आवेदन को यह आधार बना कर रिजेक्ट कर दिया जाता है कि भवन का नक्शा पास नहीं है. इन शर्तों का पालन करना जरूरी : लॉज व हॉस्टल के संचालन के लिए नगर निगम द्वारा नियमावली बनायी गयी है. इसके तहत उन भवनों को ही निगम लाइसेंस जारी करेगा, जिसका नक्शा पास होगा. भवन में सिक्यूरिटी गार्ड, सीसीटीवी कैमरा, फायर फाइटिंग सिस्टम, पार्किंग व पर्याप्त ओपेन स्पेस होना चाहिए.
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