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आस्था का केंद्र है खलारी का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर

पहाड़ी मंदिर पुनर्निर्माण की 24वीं वर्षगांठ आज

खलारी. खलारी का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर भक्तों के आस्था का बड़ा केंद्र है. पहाड़ी मंदिर में विराजमान बजरंग बली की महिमा तो अपरम्पार है ही, इस मंदिर का वर्तमान स्वरूप भी लोगों को आकर्षित करता है. पहाड़ी मंदिर में बजरंग बली के अलावा शिवालय तथा मां दुर्गा की प्रतिमा भी स्थापित है. पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने पिछले दो दशक में अपनी अथक मेहनत, लगन और खलारी के लोगों के सहयोग से इस मंदिर को यह भव्य रूप प्रदान किया है. करीब आठ दशक पूर्व खलारी स्थित एसीसी कंपनी ने इस मंदिर का आरंभिक निर्माण कराया था. कहा जाता है कि कारखाना के लिए रेल लाइन बिछाने के क्रम में जमीन के अंदर से एक बड़े पत्थर पर बजरंग बली का आकृति मिली थी. मंदिर में आज भी बजरंग बली की वही प्रतिमा है. पहाड़ी मंदिर खलारी की खास बात यह है कि जो कोई इस मंदिर में आया, यहां के बजरंग बली का मुरीद हो गया. खलारी में रह चुके अनेक लोग आज देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों में बसे हुए हैं. बजरंग बली के भक्त देश-दुनिया किसी भी कोने से मन्नत मांग लेते हैं. लेकिन मन्नत पूरी होने पर खलारी आकर बजरंग बली को नारियल चढ़ाना नहीं भूलते. जानकार लोग इस मंदिर को सिद्ध पीठ भी कहते हैं. रामनवमी के दिन तो लोग घंटों कतार में लगकर बजरंग बली का दर्शन करते है. प्रत्येक मंगलवार तथा शनिवार को भारी संख्या में भक्तजन यहां दर्शन करने तथा मन्नत पूरी होने पर नारियल चढ़ाने आते हैं. पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने पुनर्निर्माण के दौरान बजरंग बली के मंदिर के साथ ही अलग से मां दुर्गा और भगवान शिव के मंदिर का निर्माण किया है, जो मंदिर को और भी भव्यता प्रदान करती है. द्वारिकापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती स्वयं इस मंदिर में आकर मां दुर्गा की प्र्रतिमा और शिव लिंग की प्राण प्रतिष्ठा करायी थी. सावन के दिनों में जलाभिषेक करने वालों की लंबी कतार लगी होती है. मंदिर का पुनर्निर्माण ओड़िया शिल्पकारों द्वारा कराया गया है. रंग रोगन के बाद मंदिर की दीवारों पर उकेरी गयी देवी-देवताओं की मूर्तियां सजीव दिखती हैं. यहां लोग शादी-ब्याह जैसे आयोजन के लिए भी आते हैं. विकास समिति के लोग मंदिर को सुन्दर व आकर्षक बनाने तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रयासरत रहते हैं.राज्य सरकार के द्वारा परिसर में ही विवाह मंडल व सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है.सीसीएल एनके एरिया द्वारा भी सामुदायिक भवन बनाया गया है.रांची जिला प्रशासन खलारी पहाड़ी मंदिर को पर्यटन केंद्र का दर्जा दिया है. रांची से खलारी आने के रास्ते में जिला पयर्टन द्वारा जगह जगह खलारी पहाड़ी मंदिर का बोर्ड लगाया गया है.

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पहाड़ी मंदिर पुनर्निर्माण की 24वीं वर्षगांठ आज

खलारी. 14 जनवरी बुधवार को खलारी के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर के पुनर्निर्माण की 24वीं वर्षगांठ मनायी जाएगी. इस अवसर पर आयोजित खिचड़ी भंडारा की तैयारी पूरी हो गयी है. मंदिर में विद्युतीय सज्जा की गयी है. मंगलवार सुबह से 24 घंटे का अखंड हरि कीर्तन शुरू हो गया है. कीर्तन शुरू होने से पूर्व मंदिर के पुजारी बृजराज दुबे ने यजमान दिनेश पांडेय घन्टु के द्वारा पूजन करवाये. अखंड कीर्तन का समापन बुधवार की सुबह होगा. भगवान को भोग लगाने के पश्चात सुबह 11 बजे से भंडारा शुरू हो जायेगा. साथ ही 12 बजे से भक्ति जागरण भी मंदिर परिसर में होगा. इस बड़ी तैयारी के लिए चावल, दाल व हरी सब्जियों का खेप आ चुका है. एक दर्जन से अधिक चूल्हा बनाये गये हैं. समिति ने लोगों से अपील की है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए 14 जनवरी को मंदिर परिसर में प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग न करें साथ ही मंदिर परिसर के साफ-सफाई का ख्याल रखें. क्षेत्र के सभी लोगों को सपरिवार खिचड़ी भंडारा में भाग लेने का आमंत्रण दिया है. अपील की गयी है कि अपने घर में चूल्हा न जला कर मंदिर के भंडारा में ही खिचड़ी खाये. अखंड हरिकीर्तन में धीरज सिन्हा, बाबूराम प्रसाद, रामसुंदर राम, प्रकाश मिस्त्री, बंधन बाबा, साधु जी सहित चोरिया की टीम शामिल थी.

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