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झारखंड हाइकोर्ट के राज्य की नियोजन नीति के असंवैधानिक करार देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
प्रार्थी सत्यजीत कुमार व अन्य की अोर से सुप्रीम कोर्ट में झारखंड हाइकोर्ट के 21 सितंबर 2020 के आदेश को चुनाैती दी है
प्रार्थी सत्यजीत कुमार व अन्य की अोर से सुप्रीम कोर्ट में झारखंड हाइकोर्ट के 21 सितंबर 2020 के आदेश को चुनाैती दी है
Prabhat Khabar

रांची : प्रार्थी सत्यजीत कुमार व अन्य की अोर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गयी है. उन्होंने झारखंड हाइकोर्ट के 21 सितंबर 2020 के आदेश को चुनाैती दी है. हाइकोर्ट की लॉर्जर बेंच ने 21 सितंबर 2020 को राज्य सरकार की नियोजन नीति व हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन को चुनौती देनेवाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए नियोजन नीति को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया था.

13 शिड्यूल जिला में नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द कर दिया था. गैर अनुसूचित जिलों की नियुक्ति को बरकरार रखा था. साथ ही गैर अनुसूचित जिलों में शेष विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति में आगे बढ़ने का आदेश दिया था. अनुसूचित जिलों के 8,423 पदों पर नये सिरे से शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को कहा था.

नियोजन नीति के आधार पर चल रही है नियुक्ति प्रक्रिया

वर्ष 2016 में नियोजन नीति बनने के बाद उसके आधार पर हाइस्कूलों में चार वर्ष से 17,572 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. 13 अनुसूचित जिलों के शिक्षक पद उसी जिले के स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित कर दिये गये थे. अनुसूचित जिलों में कुल 8,423 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन लिये गये थे. इनमें से लगभग 3,684 शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी थी. ये शिक्षक वर्तमान में अलग-अलग स्कूलों में पढ़ा रहे हैं.

posted by : sameer oraon

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