सहायक आचार्य परीक्षा : संशोधित रिजल्ट रद्द, चार सप्ताह में नया रिजल्ट जारी करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड प्रारंभिक विद्यालय सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के संशोधित रिजल्ट को रद्द कर दिया है. इसके चलते 11000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रभावित हो सकती है. कोर्ट ने चार सप्ताह के अंदर नया रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया है.
रांची. सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस उज्जवल भुईंया व जस्टिस एएस चंदूरकर की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुनने के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा जारी सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के संशोधित रिजल्ट को रद्द कर दिया. पीठ ने कहा कि स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के निर्देश के आलोक में जेएसएससी द्वारा जारी सहायक आचार्य का संशोधित रिजल्ट गलत है. पीठ ने चार सप्ताह के अंदर फ्रेश रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया. साथ ही पीठ ने झारखंड के मुख्य सचिव को कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
वहीं, प्रार्थी भास्कर प्रसाद व अन्य की ओर से नॉर्मलाइजेशन को लेकर दायर अवमानना याचिका पर अब अलग से सुनवाई होगी. मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी तुलसी महतो व अनिल कुमार यादव ने अवमानना याचिका दायर की है. प्रार्थियों का कहना है कि जेएसएससी द्वारा प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (13/2023) का जारी संशोधित रिजल्ट परिमल कुमार के केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत है. इसलिए इसे निरस्त किया जाना चाहिए.
11000 से अधिक सहायक आचार्य शिक्षकों की नियुक्ति होगी प्रभावित
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार द्वारा जिलों में नियुक्त किए गए 11000 से अधिक सहायक आचार्य शिक्षकों की नियुक्ति प्रभावित हो जाएगी. अब नए सिरे से फ्रेश रिजल्ट जारी किया जाएगा. उनमें से डेढ़ हजार से लेकर 2000 शिक्षकों की नौकरी खतरे में आ गई है.
26001 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए हुई थी परीक्षा
जेएसएससी द्वारा 26001 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (कक्षा एक से पांच तथा कक्षा छह से आठ के लिए) का आयोजन किया गया. अगस्त 2025 में इसका रिजल्ट जारी किया गया था. रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा निर्देश जारी किया गया कि गवर्नमेंट ऑफ एनसीटी दिल्ली बनाम प्रदीप कुमार के केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में सहायक आचार्य परीक्षा का संशोधित रिजल्ट जारी किया जाए.
आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को लेकर हुआ संशोधन
निर्देश में कहा गया कि जो भी रिजर्व कैटेगरी के अभ्यर्थी हैं, जिनका जेटेट में 60% से कम अंक है, उनको अनारक्षित में नहीं लिया जा सकता है. अनारक्षित कैटेगरी में वही अभ्यर्थी जाएगा, जो जेटेट में आरक्षण का लाभ नहीं लिया है तथा उसका प्राप्तांक 60% या उससे अधिक हो. विभाग के निर्देश के आधार पर जेएसएससी ने पूरा रिजल्ट संशोधित किया.
सितंबर 2025 से शुरू हुआ संशोधित रिजल्ट जारी करने का सिलसिला
सितंबर 2025 से संशोधित रिजल्ट निकालना शुरू हुआ. अब तक 11000 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर राज्य सरकार को नियुक्ति के लिए अनुशंसा भेजी गई. राज्य सरकार ने अनुशंसित अभ्यर्थियों को संबंधित जिलों में प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में नियुक्ति की गयी. अब यह अभ्यर्थी नौकरी कर रहे हैं.
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झारखंड हाइकोर्ट में भी लंबित हैं मामले
उक्त संशोधित रिजल्ट को बहुत सारे अभ्यर्थियों ने झारखंड हाइकोर्ट में चुनौती दिया है, जो अभी लंबित है. इस तरह के मामलों की सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित है. वहीं कई अभ्यर्थियों ने परिमल कुमार के केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश में अवमानना याचिका दायर की है तथा संशोधित रिजल्ट को चुनौती दी है. कहा गया था कि संशोधित रिजल्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत है.
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