झारखंड में बकरी पालन पर 70% तक सब्सिडी, 437 लोगों को मिलेगा मौका; ऐसे कर सकते हैं आवेदन
झारखंड में व्यावसायिक बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार दे रही है 70 प्रतिशत तक अनुदान.
झारखंड सरकार मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यावसायिक बकरी पालन को बढ़ावा दे रही है. 100 बकरी और 5 बकरों के फार्म के लिए 70% तक अनुदान मिलेगा. कुल 437 फार्म स्थापित किए जाएंगे.
रांची. झारखंड में व्यावसायिक बकरी पालन शुरू करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यावसायिक बकरी पालन योजना शुरू की गई है. इसके तहत 100 बकरी और पांच बकरों की क्षमता वाले फार्म की स्थापना के लिए सरकार 70 प्रतिशत तक अनुदान देगी. राज्यभर में ऐसे 437 फार्म स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है.
9.78 लाख की परियोजना पर मिलेगा 6.84 लाख तक अनुदान
योजना के तहत एक फार्म की अनुमानित परियोजना लागत 9.78 लाख रुपये निर्धारित की गई है. इसमें सरकार की ओर से 70 प्रतिशत यानी अधिकतम 6,84,600 रुपये अनुदान दिया जाएगा. शेष 30 प्रतिशत राशि लाभुक को जुटानी होगी. इसमें 15 प्रतिशत तक राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त करने की सुविधा दी गई है. अनुदान दो किस्तों में जारी किया जाएगा. पहली किस्त योजना स्वीकृत होने के बाद और दूसरी किस्त आधारभूत संरचना पूरी होने के बाद दी जाएगी.
रांची में सबसे अधिक 47 फार्म का लक्ष्य
राज्य में कुल 437 फार्म स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें रांची में सबसे अधिक 47 फार्म स्थापित किए जाने हैं. जमशेदपुर और पलामू में 26-26, हजारीबाग में 25, चाईबासा में 23, दुमका में 22, गोड्डा में 20 और गढ़वा में 19 फार्म का लक्ष्य है. साहिबगंज और गुमला में 18-18 तथा गिरिडीह में 17 फार्म स्थापित किए जाने हैं.
कौन कर सकता है आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का झारखंड का स्थायी निवासी होना और बकरी पालन का अनुभव होना जरूरी है. आवेदक के पास कम से कम 50 डिसमिल भूमि होनी चाहिए. भूमि निजी हो सकती है या कम से कम 10 वर्ष की लीज पर ली गई हो. बैंक का प्रमाण-पत्र अथवा पिछले एक वर्ष के औसत बैंक बैलेंस का प्रमाण भी देना होगा. बकरी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आवेदकों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी. स्वयं सहायता समूह और किसान उत्पादक संगठन भी योजना का लाभ ले सकते हैं.
प्रखंड या जिला पशुपालन कार्यालय में जमा होगा आवेदन
इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र, घोषणा पत्र और शपथ पत्र सहित जरूरी दस्तावेज संबंधित प्रखंड पशुपालन कार्यालय या जिला पशुपालन कार्यालय में जमा करना होगा. इसके बाद दस्तावेजों और योजना प्रस्ताव की जांच होगी. स्थल निरीक्षण के बाद प्रस्ताव की अनुशंसा की जाएगी और निदेशालय स्तर पर गठित समिति अंतिम चयन करेगी.
10 साल तक फार्म चलाने की शर्त
चयनित लाभुक को फार्म को कम से कम 10 वर्षों तक संचालित करने का शपथ पत्र देना होगा. योजना के तहत फार्म में महामारी नियंत्रण संबंधी मानकों का पालन और नियमित समीक्षा भी की जाएगी.
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