झारखंड बनने के बाद एक लाख लगे लघु उद्योग, 3 हजार लघु उद्योग बंद, लेकिन इस क्षेत्र में बने नंबर 1

सिल्क के क्षेत्र में लघु व कुटीर उद्योग तेजी से बढ़े. अच्छी बात : झारखंड सिल्क उत्पादन में बना नंबर वन. चिंता की बात लगभग तीन हजार लघु उद्योग बंद भी हुए
small industry day 2021 jharkhand, small industry in jharkhand रांची : झारखंड में एंसेलरी के साथ स्वतंत्र या कुटीर उद्योग का भी विकास होता रहा है. उद्योग विभाग के अनुसार, राज्य में तीन लाख के करीब लघु उद्योग स्थापित हैं. इनमें हैंडलूम, टेक्सटाइल, मसाला, चावल मिल से लेकर एंसलेरी उद्योग भी हैं. इन उद्योगों में करीब 15 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं. झारखंड अलग राज्य गठन के बाद से राज्य में लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों का विस्तार हुआ है. राज्य में सिल्क के क्षेत्र में तेजी से लघु एवं कुटीर उद्योग लगे.
इस कारण राज्य सिल्क के उत्पादन में देश में पहले स्थान पर आ गया. यह आंकड़ा सरकार ने अपने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में दिया है. आंकड़ों के अनुसार, अलग राज्य के बाद से राज्यभर में कुल एक लाख आठ हजार 288 लघु उद्योग लगे हैं. इनके द्वारा 462883 लाख रुपये का निवेश किया गया है. लघु उद्योगों द्वारा आठ लाख 50 हजार 477 लोगों को रोजगार मिला है.
राज्य में भले ही लघु उद्योगों का विस्तार हो रहा है, लेकिन चिंता की बात है कि व्यवसाय के नहीं पनपने और वर्क अॉर्डर नहीं मिलने से कई लघु उद्योग बंद भी जाते हैं. सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस समय तीन हजार उद्योग बंद हैं.
हालांकि औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत संगठन बंद होनेवाले उद्योगों की संख्या लाखों में बताते हैं, पर इसकी सटीक गणना नहीं है. बंद उद्योगों को दोबारा चालू करने के लिए नयी उद्योग नीति में प्रावधान किया गया है. इसके तहत एक कमेटी बनेगी, जो रुग्ण व बीमार उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम करेगी. जरूरत पड़ने पर वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान है.
झारखंड में एसटी-एससी समुदाय के एक हजार से अधिक लोग उद्यमी व कारोबारी बन चुके हैं. राज्य सरकार द्वारा बनाये गये झारखंड एसटी-हब के अनुसार अब तक 1826 लोगों का डाटा बेस तैयार हो चुका है, जो एसटी-एससी समुदाय से हैं और अपना व्यवसाय या उद्योग चला रहे हैं. एमएसएमइ मंत्रालय द्वारा नेशनल एसटी-एससी हब के जरिये इन समुदाय के वैसे लोग जो व्यवसाय व उद्योग लगाना चाहते हैं, उन्हें प्रशिक्षण से लेकर लेकर वित्तीय मदद तक दी जाती है.
औद्योगिक क्षेत्र उद्योग
अादित्यपुर 1397
रांची 817
बोकारो 745
संताल परगना 49
Posted By : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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