सरयू राय ने किया राज्यपाल का बचाव, बोले- हेमंत सोरेन ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, मेरे पास हैं दस्तावेज

सरयू राय
चंपाई सोरेन के शक्ति परीक्षण के लिए आहूत दो दिवसीय विधानसभा के विशेष सत्र में सरयू राय ने कहा कि चर्चा राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही है, लेकिन सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक भटक गया है. विषय पर चर्चा नहीं हो रही.
झारखंड विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर मंगलवार (6 फरवरी) को चर्चा हो रही थी. निर्दलीय विधायक सरयू राय का नाम स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने पुकारा, तो तो जमशेदपुर पूर्वी के विधायक ने सबसे पहले पूछा- कितना समय है महोदय. स्पीकर ने उन्हें बताया- दो मिनट. इसके बाद सरयू राय ने बोलना शुरू किया. उन्होंने राज्यपाल का बचाव करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन ने खुद कहा है कि वह स्वेच्छा से इस्तीफा दे रहे हैं. इसके दस्तावेज मेरे पास हैं.
चंपाई सोरेन के शक्ति परीक्षण के लिए आहूत दो दिवसीय विधानसभा के विशेष सत्र में सरयू राय ने कहा कि चर्चा राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही है, लेकिन सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक भटक गया है. विषय पर चर्चा नहीं हो रही. उन्होंने कहा कि अब तक विपक्ष अभिभाषण के प्रति पूरी तरह से अपना विरोध नहीं दर्ज करवा पा रहा.
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सरयू राय ने कहा कि चंपाई सोरेन हमारे पड़ोसी हैं. उन्होंने खुद को सरकार का पार्ट-2 बता दिया. अब इनकी इच्छाई का क्या होगा, मुझे नहीं मालूम. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर के आदेश जारी हुए हैं. इस पर 2 फरवरी को दस्तखत हुए. 5 फरवरी को इसकी अधिसूचना जारी हुई. उन्होंने कहा कि 2 फरवरी को तो झारखंड में कोई सरकार थी नहीं. इस पर बन्ना गुप्ता ने उन्हें टोकने की कोशिश की.
सरयू राय ने इस पर सरकार से पूछा कि ये कौन हैं, जो बोल रहे हैं. ये होते कौन हैं. उन्होंने कहा कि मैं टाटा स्टील से आग्रह करूंगा कि कंपनी में इनको 1-2 फीसदी शेयर दे दें. जमशेदपुर में इनको इतनी सहूलियत दे रहे हैं, उससे अच्छा है कि कंपनी में शेयर ही दे दें. उन्होंने कहा कि अगर चंपाई सोरेन की सरकार ‘पार्ट-1’ की तरह ही चलेगी, तो बहुत मुश्किल होगी. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बहुत भी भावनात्मक भाषण दिया. इसका असर पूरे झारखंड में हुआ है.
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सरयू राय ने राजभवन का बचाव करते हुए कहा कि हमारे पास कुछ दस्तावेज हैं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने हाथ से लिखा है कि मुझे 5 बजे ईडी की ओर से सूचना दे दी गई थी. मुझे बता दिया गया था कि मुझे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पूर्व मुख्यमंत्री ईडी के मना करने के बावजूद वहां से उठकर राजभवन गए और इस्तीफा दिया. उन्होंने खुद कहा है कि उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया.
दूसरी तरफ इरफान ने कहा कि राज्यपाल ने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. भाजपा को अपना चेहरा उस आईने में देख लेना चाहिए. हमें दक्षिण भारत से कोई आपत्ति नहीं है. हमें दक्षिण भारत की सब चीजें पसंद हैं. आखिर ऐसा क्या है कि हमारे राज्यपाल को झारखंडी, आदिवासी, मूलवासी पसंद नहीं है. कहा कि एक तानाशाह झारखंड की भावनाओं को कुचलने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि एक दिन पहले हेमंत सोरेन का भावनात्मक भाषण सुनने के बाद मेरी आंखों में आंसू आ गए.
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इरफान अंसारी ने भाजपा को अंग्रेज करार दिया. कहा कि जलियावाल बाग में जब जनरल डायर ने गोलियां चलवाई थी. उन्होंने भगवा और लाल ड्रेस पहन रखी थी. भाजपा के लोगों ने वही ड्रेस पहन रखी है. इनके विचार भी अंग्रेजों जैसे ही हैं. अमर बाउरी ने इस पर सख्त ऐतराज जताया. कहा कि विधानसभा समेत पूरी सरकार के कस्टोडियन हैं राज्यपाल. उनके ऊपर इस तरह से सत्ता पक्ष के लोग हमला बोल रहे हैं, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है. इस पर मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल ने 40 घंटे तक झारखंड को बिना मुख्यमंत्री का क्यों रखा. इसका जवाब राज्यपाल दें. हम उन पर कोई सवाल नहीं उठाएंगे.
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By Mithilesh Jha
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