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सरयू राय ने किया राज्यपाल का बचाव, बोले- हेमंत सोरेन ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, मेरे पास हैं दस्तावेज

Updated at : 06 Feb 2024 9:28 PM (IST)
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saryu roy

सरयू राय

चंपाई सोरेन के शक्ति परीक्षण के लिए आहूत दो दिवसीय विधानसभा के विशेष सत्र में सरयू राय ने कहा कि चर्चा राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही है, लेकिन सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक भटक गया है. विषय पर चर्चा नहीं हो रही.

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झारखंड विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर मंगलवार (6 फरवरी) को चर्चा हो रही थी. निर्दलीय विधायक सरयू राय का नाम स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने पुकारा, तो तो जमशेदपुर पूर्वी के विधायक ने सबसे पहले पूछा- कितना समय है महोदय. स्पीकर ने उन्हें बताया- दो मिनट. इसके बाद सरयू राय ने बोलना शुरू किया. उन्होंने राज्यपाल का बचाव करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन ने खुद कहा है कि वह स्वेच्छा से इस्तीफा दे रहे हैं. इसके दस्तावेज मेरे पास हैं.

विषय पर नहीं हो रही बात : सरयू राय

चंपाई सोरेन के शक्ति परीक्षण के लिए आहूत दो दिवसीय विधानसभा के विशेष सत्र में सरयू राय ने कहा कि चर्चा राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही है, लेकिन सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक भटक गया है. विषय पर चर्चा नहीं हो रही. उन्होंने कहा कि अब तक विपक्ष अभिभाषण के प्रति पूरी तरह से अपना विरोध नहीं दर्ज करवा पा रहा.

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स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर पर उठाए सवाल

सरयू राय ने कहा कि चंपाई सोरेन हमारे पड़ोसी हैं. उन्होंने खुद को सरकार का पार्ट-2 बता दिया. अब इनकी इच्छाई का क्या होगा, मुझे नहीं मालूम. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर के आदेश जारी हुए हैं. इस पर 2 फरवरी को दस्तखत हुए. 5 फरवरी को इसकी अधिसूचना जारी हुई. उन्होंने कहा कि 2 फरवरी को तो झारखंड में कोई सरकार थी नहीं. इस पर बन्ना गुप्ता ने उन्हें टोकने की कोशिश की.

बन्ना के बारे में बोले सरयू राय – ये कौन हैं, जो बोल रहे हैं

सरयू राय ने इस पर सरकार से पूछा कि ये कौन हैं, जो बोल रहे हैं. ये होते कौन हैं. उन्होंने कहा कि मैं टाटा स्टील से आग्रह करूंगा कि कंपनी में इनको 1-2 फीसदी शेयर दे दें. जमशेदपुर में इनको इतनी सहूलियत दे रहे हैं, उससे अच्छा है कि कंपनी में शेयर ही दे दें. उन्होंने कहा कि अगर चंपाई सोरेन की सरकार ‘पार्ट-1’ की तरह ही चलेगी, तो बहुत मुश्किल होगी. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बहुत भी भावनात्मक भाषण दिया. इसका असर पूरे झारखंड में हुआ है.

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सरयू राय ने किया राजभवन का बचाव

सरयू राय ने राजभवन का बचाव करते हुए कहा कि हमारे पास कुछ दस्तावेज हैं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने हाथ से लिखा है कि मुझे 5 बजे ईडी की ओर से सूचना दे दी गई थी. मुझे बता दिया गया था कि मुझे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पूर्व मुख्यमंत्री ईडी के मना करने के बावजूद वहां से उठकर राजभवन गए और इस्तीफा दिया. उन्होंने खुद कहा है कि उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया.

नए झारखंड का उदय हुआ : इरफान अंसारी

दूसरी तरफ इरफान ने कहा कि राज्यपाल ने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. भाजपा को अपना चेहरा उस आईने में देख लेना चाहिए. हमें दक्षिण भारत से कोई आपत्ति नहीं है. हमें दक्षिण भारत की सब चीजें पसंद हैं. आखिर ऐसा क्या है कि हमारे राज्यपाल को झारखंडी, आदिवासी, मूलवासी पसंद नहीं है. कहा कि एक तानाशाह झारखंड की भावनाओं को कुचलने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि एक दिन पहले हेमंत सोरेन का भावनात्मक भाषण सुनने के बाद मेरी आंखों में आंसू आ गए.

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अल्पसंख्यकों को आतंकवादी और आदिवासियों को चोर बना दिया

इरफान अंसारी ने भाजपा को अंग्रेज करार दिया. कहा कि जलियावाल बाग में जब जनरल डायर ने गोलियां चलवाई थी. उन्होंने भगवा और लाल ड्रेस पहन रखी थी. भाजपा के लोगों ने वही ड्रेस पहन रखी है. इनके विचार भी अंग्रेजों जैसे ही हैं. अमर बाउरी ने इस पर सख्त ऐतराज जताया. कहा कि विधानसभा समेत पूरी सरकार के कस्टोडियन हैं राज्यपाल. उनके ऊपर इस तरह से सत्ता पक्ष के लोग हमला बोल रहे हैं, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है. इस पर मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल ने 40 घंटे तक झारखंड को बिना मुख्यमंत्री का क्यों रखा. इसका जवाब राज्यपाल दें. हम उन पर कोई सवाल नहीं उठाएंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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