1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. sarkari naukri 2020 good news for youth interested in sports 35000 physical instructors to be recruited in schools of jharkhand mtj

Sarkari Naukri 2020: झारखंड में 35 हजार पीटी शिक्षकों की जरूरत, हेमंत सोरेन सरकार जल्द निकाल सकती है वैकेंसी

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
Sarkari Naukri 2020: झारखंड में मैट्रिक तक फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य करने की कमेटी ने की है सिफारिश.
Sarkari Naukri 2020: झारखंड में मैट्रिक तक फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य करने की कमेटी ने की है सिफारिश.

रांची : खेल एवं व्यायाम में रुचि रखने वाले झारखंड के युवाओं के लिए खुशखबरी है. प्रदेश के सभी स्कूलों में जल्दी ही फिजिकल इंस्ट्रक्टर की बहाली की जायेगी. इस संबंध में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और अब हेमंत सोरेन सरकार को इस पर अंतिम फैसला लेना है. सरकार ने सहमति दे दी, तो झारखंड के कम से कम 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी.

दरअसल, शिक्षा को खेल एवं शारीरिक शिक्षा के साथ जोड़ने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसने अपनी रिपोर्ट स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को सौंप दी है. सूत्रों की मानें, तो रिपोर्ट में सभी स्कूलों में फिजिकल इंस्ट्रक्टर की बहाली की सिफारिश की गयी है.

इस वक्त झारखंड के सरकारी स्कूलों में सिर्फ 200 फिजिकल इंस्ट्रक्टर हैं. कमेटी की रिपोर्ट मिल जाने के बाद कहा जा रहा है कि स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र वर्ष 2021-22 से शुरू की जायेगी. इसके लिए टीचर्स की जरूरत होगी. इसलिए उम्मीद जतायी जा रही है कि इसी बीच फिजिकल इंस्ट्रक्टर्स की बहाली भी कर ली जायेगी.

जब तक शिक्षकों की बहाली नहीं हो जाती, तब तक स्कूल के ही किसी शिक्षक को नोडल टीचर बनाने के लिए कहा गया है, जिसकी स्पोर्ट्स और व्यायाम में रुचि हो. कहा जा रहा है कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि प्राइमरी स्कूल से लेकर हाई स्कूल तक में फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य किया जाये.

कमेटी ने प्लस टू में इसे वैकल्पिक विषय बनाने की सलाह दी है. यानी बच्चों को मैट्रिक तक हर हाल में खेल के साथ-साथ अन्य शारीरिक गतिविधियों में भी अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा. यहां बताना प्रासंगिक होगा कि झारखंड में इस वक्त 35,447 सरकारी स्कूल हैं. इनमें से सिर्फ 200 स्कूलों में फिजिकल इंस्ट्रक्टर हैं. 15,653 स्कूलों में खेल के मैदान नहीं हैं.

Posted By : Mithilesh Jha

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें