ePaper

HEC के अधिकारियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की ‘मदर ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज’ को बचाने की गुहार

Updated at : 17 Jan 2023 8:15 PM (IST)
विज्ञापन
HEC के अधिकारियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की ‘मदर ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज’ को बचाने की गुहार

एचईसी आंदोलन के 78 दिन बीत चुके हैं. वे अपनी मांगों के समर्थन में इतने दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति उनकी अपील पर जरूर गौर करेंगी और कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लंबित वेतन के साथ-साथ देश की धरोहर एचईसी को बचाने के लिए निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगी.

विज्ञापन

झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा में स्थित मदर ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज (मातृ उद्योग) हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) को बचाने की गुहार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लगायी है. एचईसी के अधिकारियों ने मंगलवार को महामहिम को एक पत्र लिखा, जिसमें एचईसी की दुर्गति के बारे में विस्तार से बताया गया है. साथ ही यह भी बताया गया है कि इस अहम संस्थान के कर्मचारियों को 14 महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. इसकी वजह से अधिकारी और कर्मचारी विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं.

78 दिन से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं एचईसी के अधिकारी

एचईसी के अधिकारी और कर्मचारियों के आंदोलन के 78 दिन बीत चुके हैं. वे अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनकी अपील पर जरूर गौर करेंगी और कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लंबित वेतन के साथ-साथ देश की धरोहर एचईसी को बचाने के लिए निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगी. बता दें कि एचईसी के अधिकारियों को 14 माह से वेतन नहीं मिला है. वहीं, कर्मचारियों का 11 माह का लंबित है.

एशिया का एकमात्र मातृ उद्योग है एचईसी

महामहिम द्रौपदी मुर्मू को संबोधित पत्र में एचईसी के अधिकारियों ने लिखा है कि यह कंपनी भारत सरकार का उपक्रम है. यह इस्पात, खनन, रेलवे, बिजली, रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, परमाणु और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए भारत में पूंजी उपकरणों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है. यह कॉन्सेप्ट टू कमीशनिंग से टर्न-की परियोजनाओं को भी निष्पादित करता है. वर्ष 1958 में स्थापित यह एशिया का एकमात्र मातृ उद्योग है. अपनी आधी शताब्दी की यात्रा में इस संस्थान ने उपरोक्त क्षेत्रों में विशेषज्ञता एवं अनेकानेक उपलब्धियां हासिल की है.

Also Read: HEC का गहराया संकट, कच्चे माल की सप्लाई करने वाली कंपनी पायनियर इंजीनियरिंग ने बैंक खाता कराया फ्रीज
अधिकारियों एवं प्रबंधन से कई बार हुई वार्ता, सब बेकार

अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया है कि उन्होंने अपने अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, निदेशकगण एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों से लंबित वेतन भुगतान के लि कई बार बातचीत की, लेकिन उच्च प्रबंधन एवं भारी उद्योग मंत्रालय उन्हें किसी भी चीज के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में विफल रहा. कहा कि वेतन नहीं मिलने से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दैनिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रहीं हैं.

किसी अप्रिय घटना के लिए सीएमडी और प्रबंधन होगा जिम्मेदार

हमलोग न तो अपना घर खर्च चला पा रहे हैं, न ही बच्चों के स्कूल की फीस दे पा रहे हैं. कई ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं, जिनके परिवार में बुजुर्ग बीमार माता-पिता हैं, वे उनका इलाज तक कराने में असमर्थ हैं. पत्र में कहा या है कि अगले 30 दिन में लंबित वेतन भुगतान पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है और अधिकारी या कर्मचारी विषम परिस्थितियों में कोई अप्रिय कदम उठाते हैं, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी एचईसी के सीएमडी एवं उच्च प्रबंधन, भारी उद्योग मंत्रालय और भारत सरकार की होगी.

Also Read: वित्तीय स्थिति खराब होने के बाद भी HEC की चंद्रयान-3 और गगनयान की लॉन्चिंग में होगी बड़ी भूमिका

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola