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रांची के कोकर में हर घर नल-जल अभियान की वजह से बर्बाद हुई सड़क, दुर्घटना की आशंका से सहमे हैं लोग

Updated at : 18 Dec 2022 4:16 PM (IST)
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रांची के कोकर में हर घर नल-जल अभियान की वजह से बर्बाद हुई सड़क, दुर्घटना की आशंका से सहमे हैं लोग

जल जीवन मिशन के तहत घरों तक पानी का पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़क के नीचे से गुजर रही नाली के ऊपर लगे स्लैब टूट गये हैं. इसकी वजह से वहां से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है.

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झारखंड में हर घर नल से जल पहुंचाने का अभियान चल रहा है. राजधानी रांची में भी गली-गली में पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है. इस अभियान की वजह से कोकर के हैदर अली रोड (अब बजरंग नगर) में सड़कें खस्ताहाल हो गयीं हैं. इस दौरान नाली के ऊपर बिछाये गये कई स्लैब टूट गये.

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जल जीवन मिशन के तहत घरों तक पानी का पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़क के नीचे से गुजर रही नाली के ऊपर लगे स्लैब टूट गये हैं. इसकी वजह से वहां से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है. हैदर अली रोड के रोड नंबर 10 के पास सड़क की दशा सबसे बुरी है.

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रवींद्रनाथ स्कूल जाने के लिए जिस जगह से लोग टर्न लेते हैं, उसी जगह पर नाली के ऊपर के स्लैब टूट गये हैं. बता दें कि पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई जेसीबी से करायी गयी है. इसी दौरान स्लैब धंस गये. इर रास्ते से बाइक, ऑटो समेत हर तरह के वाहन गुजरते हैं. इसलिए आशंका बनी हुई है कि कभी भी यहां कोई अनहोनी हो सकती है.

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स्थानीय लोगों ने बताया कि स्लैब टूट जाने की वजह से कई बार छोेटे बच्चों का पैर उसमें पड़ जाता है, जिससे उन्हें चोट आ जाती है. अभी तक कोई भी गंभीर रूप से चोटिल नहीं हुआ है, लेकिन जो स्थिति है, अगर लोग संभलकर नहीं चले, तो उन्हें गंभीर चोट आ सकती है.

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लोगों ने कहा कि इस रास्ते में ऑटो से लेकर ट्रैक्टर तक चलता है. चूंकि स्लैब टूट चुका है. बीच में गड्ढा स्पष्ट दिखता है, अगर संभलकर नहीं चलें, तो कभी भी कोई हादसा हो सकता है. खासकर अगर रात में बिजली न रहे, तो दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. करीब एक पखवाड़े से यही हाल है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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