झारखंड में दिसंबर तक हाई अलर्ट पर पुलिस, CM हेमंत सोरेन ने सभी जेलों में जैमर लगाने का दिया निर्देश

झारखंड में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था, नक्सली और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. इस बैठक में दिसंबर तक सभी पुलिस अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया, वहीं राज्य के सभी जेलों में जैमर लगाने की बात भी कही.

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि बूढ़ा पहाड़, पारसनाथ और सारंडा समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की उपस्थिति में शिविर लगाकर ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ दें. इसके साथ यहां बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाये. इससे पुलिस के प्रति लोगों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और उग्रवादी घटनाओं को आम जनता के सहयोग से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में सिविक एक्शन प्लान (Civic Action Plan) चलाकर लोगों को जरूरत के सामान लगातार उपलब्ध कराये जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में ग्रामीण विशेषकर युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर नक्सली घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे ग्रामीण इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों की जरूरत के सामानों को ग्रामीणों से लें. इससे उन्हें रोजगार मिलने के साथ-साथ आय में भी वृद्धि होगी. कहा कि इसके लिए यथासमय जो भी जरूरत की चीज होगी, सरकार मुहैया कराएगी. कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क और पुल- पुलिया बनाने की अगर जरूरत है, तो उसकी पूरी मैपिंग कराएं और सरकार को इसकी रिपोर्ट दें. इसके बाद यहां पुल-पुलिया और सड़क बनाने की पहल की जाएगी, ताकि नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने में सुरक्षा बलों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलों में बंद कई अपराधियों द्वारा मोबाइल या अन्य माध्यमों से आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की शिकायत लगातार मिल रही है. इस पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के सभी जेलों में एक माह के अंदर जैमर लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो रही है. इस बार दुर्गापूजा बड़े पैमाने पर हो रहा है, जिसमें भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. ऐसे में दिसंबर तक पूरे राज्य को हाई अलर्ट पर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएं. शांति और सद्भाव बना रहे, इसके लिए पुलिस सभी जरूरी और ठोस कदम उठाए.

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे समेत अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस उप महानिरीक्षक स्तर के कई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे.
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By Samir Ranjan
Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media
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