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क्रिमिनोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी को मंजूरी

Updated at : 25 Jul 2025 11:58 PM (IST)
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क्रिमिनोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी को मंजूरी

झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय एकेडमिक काउंसिल ने विवि में अब क्रिमिनोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस विषय में पीएचडी की मंजूरी दी है.

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रांची. झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय एकेडमिक काउंसिल ने विवि में अब क्रिमिनोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस विषय में पीएचडी की मंजूरी दी है. शुक्रवार को विवि के कुलपति सह उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तीन विषयों में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रमों की शुरुआत की स्वीकृति दी गयी. इनमें बीएससी फॉरेंसिक साइंस, बीबीए सिक्यूरिटी मैनेजमेंट और बीएससी कंप्यूटर एप्लिकेशन एंड साइबर सिक्योरिटी विषय शामिल हैं. बैठक में एमएससी कंप्यूटर एप्लिकेशन एंड साइबर सिक्योरिटी, एमए इन पब्लिक सेफ्टी एंड डिजास्टर मैनेजमेंट तथा बीए क्रिमिनोलॉजी एंड पुलिस साइंस विषय के पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी. इसके अलावा टाना भगत समुदाय के लिए संचालित एक वर्षीय पुलिस साइंस प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम को तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखा गया. प्रस्ताव पर राज्य सरकार की स्वीकृति मिलने पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू करने का निर्णय लिया गया. प्रशासनिक संरचना में सुधार के अंतर्गत अब विवि के पाठ्यक्रमों को प्रोग्राम/कोर्स के स्थान पर विभाग के रूप में व्यवस्थित करते हुए अब क्रिमिनोलॉजी एवं पुलिस साइंस विभाग, साइबर डिफेंस विभाग, फॉरेंसिक साइंस विभाग, इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट विभाग तथा पब्लिक सेफ्टी एंड डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग किया गया. बैठक में कोर्स को-ऑर्डिनेटर के पदनाम को अब विभागाध्यक्ष करने के प्रस्ताव पर मुहर लगायी गयी. साथ ही शिक्षकों के लिए अब प्रोफेसर/एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर कहा जायेगा. एमएससी क्रिमिनोलॉजी एवं एमएससी फॉरेंसिक साइंस पाठ्यक्रमों के सिलेबस को स्वीकृति दी गयी, जबकि बैठक में विवि का आगामी दीक्षांत समारोह नवंबर 2025 में आयोजित करने का निर्णय लिया गया. इस अवसर पर विवि के नये वेबसाइट की लांचिंग की गयी. बैठक में यह भी स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि आने वाले वर्षों में विवि का फोकस छात्रों के लिए व्यावसायिक कौशल निर्माण, स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने तथा संस्थान-स्तरीय प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करने पर रहेगा. अध्यक्ष ने सदस्यों से विवि के सतत विकास में सहयोग बनाये रखने का आग्रह किया. इस अवसर पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रांची के कुलपति डॉ अशोक आर पाटिल, एक्सआइएसएस के निदेशक डॉ जोसेफ मरियानुस कुजूर, सेवानिवृत्त आइपीएस राज कुमार मलिक, पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज हजारीबाग के निदेशक अखिलेश कुमार झा, रजिस्ट्रार डॉ हेमेंद्र कुमार भगत, डॉ शशि कुमार, डॉ कृति निगम, डॉ प्रिया नम्रता टोपनो, विकास कुमार अग्रवाल आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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