14.8 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

लालू प्रसाद की उम्मीदों को लगा झटका, नहीं मिलेगी पेरोल

no payroll to lalu prasad yadav रांची : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाला के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव की उम्मीदों को बुधवार (8 अप्रैल, 2020) को तगड़ा झटका लगा. कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते उन्हें पेरोल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह उम्मीद भी खत्म हो गयी है. जेलों में कोविड19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने कुछ कैदियों को रिहा करने की योजना बनायी थी.

रांची : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाला के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव की उम्मीदों को बुधवार (8 अप्रैल, 2020) को तगड़ा झटका लगा. कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते उन्हें पेरोल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह उम्मीद भी खत्म हो गयी है. जेलों में कोविड19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने कुछ कैदियों को रिहा करने की योजना बनायी थी.

Also Read: Fodder Scam : लालू प्रसाद को एम्स भेजने पर सहमत हुए रिम्स के डॉक्टर

इसी योजना के तहत उम्मीद थी कि राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भी पेरोल पर रिहा किया जा सकता है. लेकिन, कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में जो फैसला हुआ, उसने लालू की रिहाई के रास्ते बंद कर दिये.

झारखंड हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश एससी मिश्रा, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, जेल आईजी शशि रंजन व डालसा के सचिव की मौजूदगी में हुई बैठक में तय किया गया कि आर्थिक अपराध के मामले में सजा भुगत रहे लोगों और ऐसे सजायाफ्ता, जिन्हें सात साल से ज्यादा की सजा हुई है, उन्हें पेरोल नहीं दी जायेगी.

Also Read: Fodder Scam : सीबीआइ की याचिका पर लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

गंभीर आपराधिक मामलों को छोड़कर सात साल से कम अवधि की सजा पाने वाले कैदियों की पेरोल का विरोध सरकार अदालत में नहीं करेगी. उन सभी मामलों में संबंधित कोर्ट ही फैसला करेगा. इस बैठक के बाद लालू प्रसाद के पेरोल पर चल रही बहस थम गयी.

उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद यादव आर्थिक मामलों में दोषी करार दिये गये हैं और उन्हें चारा घोटाला के कई मामलों में सजा हो चुकी है. इसलिए उन्हें पेरोल नहीं मिलेगी. लालू प्रसाद यादव लंबे अरसे से बीमार हैं और कई बार जमानत के लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं.

Also Read: चारा घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका

कोर्ट से हर बार उनकी जमानत की अर्जी खारिज हो जाती है. कोरोना वायरस को देखते हुए उम्मीद थी कि उन्हें जेल से निकलने का एक अवसर मिल सकता है, लेकिन वह अवसर भी अब उन्हें नहीं मिल पायेगा. इसके पहले, लालू प्रसाद को बेहतर इलाज के लिए नयी दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) भेजे जाने की चर्चा थी.

हालांकि, लालू प्रसाद यादव ने रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के डॉक्टरों पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि यहां के डॉक्टर जैसा चाहें, उनका इलाज करें. इसके बाद रिम्स के मेडिकल बोर्ड ने तय किया कि लालू प्रसाद के लिए विशेषज्ञ यूरोलॉजिस्ट की सलाह ली जायेगी और जरूरत पड़ी, तो उन्हें एम्स भी भेजा जायेगा. लेकिन, अब रांची में ही एम्स की गाइडलाइन के अनुसार उनका इलाज चल रहा है.

Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
प्रभात खबर में दो दशक से अधिक का करियर. कलकत्ता विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट. झारखंड और बंगाल में प्रिंट और डिजिटल में काम करने का अनुभव. राजनीतिक, सामाजिक, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विषयों के अलावा क्लाइमेट चेंज, नवीकरणीय ऊर्जा (RE) और ग्रामीण पत्रकारिता में विशेष रुचि. प्रभात खबर प्रिंट में सेंट्रल डेस्क, रूरल डेस्क के बाद प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क और झारखंड हेड के रूप में सेवा दी. अभी बंगाल हेड के रूप में कार्यरत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel