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Coronavirus का खौफ : सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक हाजिरी पर लगी रोक

Updated at : 11 Mar 2020 5:28 PM (IST)
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Coronavirus का खौफ : सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक हाजिरी पर लगी रोक

no biometric attendence in jharkhand till further order due to coronavirus. झारखंड (Jharkhand) में भले जानलेवा कोरोना वायरस (Coronavirus) के सभी सैंपल निगेटिव पाये गये हों, लेकिन इसको लेकर सरकार काफी एहतियात बरत रही है. झारखंड सरकार ने हर स्तर पर कोरोना से लड़ने का मन बनाया है. यही वजह है कि सरकारी कर्मचारियों के बायोमेट्रिक हाजिरी (Biometric Attendence) पर रोक लगा दी है.

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रांची : झारखंड में भले जानलेवा कोरोना वायरस (Coronavirus) के सभी सैंपल निगेटिव पाये गये हों, लेकिन इसको लेकर सरकार काफी एहतियात बरत रही है. झारखंड सरकार ने हर स्तर पर कोरोना से लड़ने का मन बनाया है. यही वजह है कि सरकारी कर्मचारियों के बायोमेट्रिक हाजिरी पर रोक लगा दी है.

बुधवार (11 मार्च, 2020) को कार्मिक प्रशासनिक तथा राजभाषा विभाग ने इससे संबंधित एक अधिसूचना जारी की. इसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के आधार पर यह निर्णय लिया गया है. इसमें कहा गया है कि सभी सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज होगी.

ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की इस व्यवस्था को अस्थायी तौर पर अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. देश के लगभग सभी राज्यों में कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरती जा रही है.

झारखंड के सभी सरकारी अस्पतालों में कोरोना वायरस से निबटने के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. रांची स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में कोरोना वायरस से बचाव के लिए आइसोलेशन वार्ड में पांच बेड का एक वार्ड बनाया गया है.

ज्ञात हो कि कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता लगातार रिम्स निदेशक सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं. भारत में अब तक कोरोना वायरस के 60 से ज्यादा मामले पाये गये हैं. अच्छी बात यह है कि कोरोना से संक्रमित कई लोग ठीक भी हुए हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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