CM हेमंत के करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश और माइनिंग लीज आवंटन मामले की अगली सुनवाई अब 5 जुलाई को

Updated at : 30 Jun 2022 5:18 PM (IST)
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CM हेमंत के करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश और माइनिंग लीज आवंटन मामले की अगली सुनवाई अब 5 जुलाई को

झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को सीएम सोरेन के करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश और अनगड़ा में माइनिंग लीज आवंटन मामले की सुनवाई हुई. कोर्ट ने दलील सुनने के आद अब अगली सुनवाई पांच जुलाई निर्धारित की है.

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Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को सीएम हेमंत सोरेन के करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश और अनगडा में माइनिंग लीज आवंटन मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और महाधिवक्ता ने अपना-अपना पक्ष रखा. कपिल सिब्बल ने अपना पक्ष रखने के लिए और समय की मांग. जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख पांच जुलाई, 2022 निर्धारित की है.

पांच जुलाई, 2022 को होगी अगली सुनवाई

गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और महाधिवक्ता ने पक्ष रखा. इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने खंडपीठ से अपना पक्ष रखने के लिए और समय की मांग की. सभी पक्ष की दलील सुनने के बाद खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई पांच जुलाई, 2022 निर्धारित की है.

शपथ पत्र में प्रार्थी के आरोपों को बताया गलत

इससे पूर्व झारखंड हाईकोर्ट में शेल कंपनियों में निवेश मामले में राज्य सरकार ने शपथ पत्र दायर करते हुए हेमंत सरकार ने अपनी उपलब्धियां गिनायीं. वहीं, प्रार्थी शिवशंकर शर्मा के सारे आरोपों को गलत बताया. साथ ही कहा कि प्रार्थी की ओर से मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं.

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झारखंड हाईकोर्ट में प्रार्थी ने दायर की है दो जनहित याचिका

मालूम हो कि प्रार्थी शिवशंकर शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सीएम हेमंत सोरेन के करीबियों द्वारा शेल कंपनियों में निवेश का आरोप लगाया है. साथ ही मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. इसके अलावा प्रार्थी की ओर से दूसरी जनहित याचिका भी दायर की है. इसके तहत सीएम हेमंत सोरेन को अनगड़ा में 88 डिसमिल जमीन में माइनिंग लीज आवंटन मामले में कार्रवाई करने की मांग की है. प्रार्थी ने लीज आवंटन को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-9ए का उल्लंघन बताया.

Posted By: Samir Ranjan.

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