तारा शाहदेव को प्रतिबंधित मांस खिलाता था रकीबुल, शादी के बाद क्या-क्या किया? CBI के चार्जशीट में सारे खुलासे
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 01 Oct 2023 9:34 AM
शादी के चार-पांच दिन बाद मुश्ताक अहमद के घर पर इफ्तार पार्टी में तारा शाहदेव को जबरन प्रतिबंधित मांस खिलाया गया. साथ ही हिंदू धर्म के बारे में अनाप- शनाप बोलने के लिए कहा गया.
रांची, अजय दयाल : पूर्व नेशनल शूटर तारा शाहदेव मामले में सीबीआइ की ओर से दायर चार्जशीट में कहा गया है कि रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन ने साजिश के तहत तारा से शादी की. शादी मां कौशल रानी और झारखंड हाइकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (निगरानी) मुश्ताक अहमद की उपस्थिति में तारा शाहदेव से वास्तविक धर्म छिपाते हुए हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार सात जुलाई 2015 को की गयी थी. अगले दिन आठ जुलाई 2015 को दोनों की निकाह पढ़ाने की कोशिश की गयी. निकाह पढ़ाने के समय झारखंड हाइकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (निगरानी) मुश्ताक अहमद भी मौजूद थे. मेहर की रकम भी उन्होंने दी. शादी के चार-पांच दिन बाद मुश्ताक अहमद के घर पर इफ्तार पार्टी में तारा शाहदेव को जबरन प्रतिबंधित मांस खिलाया गया. साथ ही हिंदू धर्म के बारे में अनाप- शनाप बोलने के लिए कहा गया.
रकीबुल का विरोध करने पर तारा को कमरे में बंद कर मारपीट किया जाता था. कुत्ता ब्रूनाे से कटवाया जाता था. तारा को प्रताड़ित करने के मामले में हिंदपीढ़ी थाना में रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल और उसकी मां कौशल रानी के खिलाफ 19 अगस्त 2014 को मामला दर्ज कराया गया था. इसमें धर्म परिर्वतन, यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया गया था. झारखंड पुलिस ने अदालत में धारा 34/498 ए के तहत रंजीत कोहली और उसकी मां कौशल रानी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. लेकिन पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट से तारा शाहदेव संतुष्ट नहीं थी. तारा ने पुलिस की जांच का पुरजोर विरोध किया.
22 मई 2015 को झारखंड हाइकोर्ट ने केस सीबीआइ को ट्रांसफर किया
पुलिस की जांच का तारा शाहदेव ने हमेशा विरोध किया. उसके बाद झारखंड सरकार ने सीबीआई को केस ट्रांसफर किया. सीबीआई की ओर से मामले में 22 मई 2015 को केस दर्ज किया गया. मामले में सीबीआई की डीएसपी सीमा पाहुजा ने केस का अनुसंधान किया. सीबीआइ ने मामले में रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन, उसकी मां कौशल रानी और झारखंड हाइकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (निगरानी) मुश्ताक अहमद के खिलाफ 12 मई 2017 को आइपीसी की धारा 120 बी, 496, 376, 323, 298, 354ए, 506 और 498 ए के तहत चार्जशीट दाखिल किया. चार्जशीट सीबीआइ की तत्कालीन डीएसपी सीमा पाहुजा (वर्तमान में एएसपी) ने दाखिल की.

तारा शाहदेव प्रकरण में कब-कब क्या हुआ
07 जुलाई 2014 में हिंदू रीति रिवाज से शादी
08 जुलाई को मुस्लिम रीति-रिवाज से जबरन निकाह
18 जुलाई 2014 को प्रताड़ना व मारपीट
19 जुलाई 2014 को हिंदपीढ़ी थाना में मारपीट, प्रताड़ना से संबंधित प्राथमिकी
2015 में सीबीआइ को झारखंड सरकार द्वारा केस ट्रांसफर करने का आदेश
2015 को मई में हाइकोर्ट द्वारा केस सीबीआइ को ट्रांसफर करने का निर्देश
2015 22 मई को सीबीआइ में मामले को लेकर कांड संख्या आरसी-9एस/2015 दर्ज किया गया
12 मई 2017 को सीबीआइ की ओर से अदालत में चार्जशीट दायर की गयी
02 जुलाई 2018 को अदालत में मामले को लेकर हुआ आरोप गठन
26 सितंबर 2023 को अभियोजन और बचाव पक्ष की गवाही पूरी होने पर फैसले की तिथि तय
घर से वीवीआइपी लाइट, आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद
रकीबुल के घर में सर्च के दौरान मुस्लिम धर्म की धार्मिक पुस्तकें, दीवार पर एक विशेष धर्म का पोस्टर और कई पैकेट आपत्तिजनक वस्तुएं, कार की लाइट बरामद की गयी थी.
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