इनोवेशन हब में मिलेंगे मेंटर, बढ़ीं सुविधाएं

केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित इनोवेशन हब की सुविधाएं बढ़ायी जा रही हैं. वहीं संचालन के लिए अब मेंटर की खोज चल रही है.
रांची. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित इनोवेशन हब की सुविधाएं बढ़ायी जा रही हैं. वहीं संचालन के लिए अब मेंटर की खोज चल रही है. उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने इनोवेशन हब के चीफ मेंटर और जूनियर मेंटर की अनुबंध पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया है. यह नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी. चीफ मेंटर को प्रतिमाह 42 हजार रुपये और जूनियर मेंटर को प्रतिमाह 37 हजार रुपये मानदेय का भुगतान किया जायेगा. चीफ मेंटर के लिए अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष (विशेष परिस्थिति में अधिकतम उम्र सीमा 70 वर्ष) तथा जूनियर मेंटर के लिए अधिकतम उम्र सीमा 30 वर्ष निर्धारित की गयी है. इच्छुक अभ्यर्थी 14 जुलाई 2025 तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि योग्य अभ्यर्थी के आवेदन की शॉर्टलिस्ट 21 जुलाई 2025 को जारी होगी, और इंटरव्यू 28 जुलाई को लिया जायेगा. फाइनल रिजल्ट 31 जुलाई को जारी होगा. मेंटर के लिए अभ्यर्थी की योग्यता प्रथम श्रेणी में एमएससी या लाइफ साइंस, फिजिकल साइंस, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, मैकेनिकल आदि विषय में बैचलर इन इंजीनियरिंग उत्तीर्ण होना निर्धारित किया गया है. चीफ मेंटर के लिए कम से कम तीन वर्ष व जूनियर मेंटर के लिए कम से कम एक वर्ष का अनुभव जरूरी है.
क्या है इनोवेशन हब
चिरौंदी स्थित रांची विज्ञान केंद्र में इसकी स्थापना केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय (एमओसी) और झारखंड सरकार की एक संयुक्त पहल है. इस परियोजना को 1.80 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत पर पूरा किया गया है, जिसमें दोनों सरकारों से 50:50 अनुपात में समान वित्तीय योगदान मिला है. 18 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया है. लगभग 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस हब में मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर से युक्त कंप्यूटर में आविष्कारों/आविष्कारकों/पेटेंट, ई-जर्नल्स आदि की जानकारी, आइडिया लैब में मॉडल बनाना, बुनियादी विज्ञान प्रयोग आदि शामिल हैं. लोग यहां अपने हाथों से डिवाइस/गैजेट्स को अलग करना, फिर से जोड़ना और फिर से बनाना सीख सकते हैं. कबाड़ से जुगाड़ कॉर्नर में रोजमर्रा की स्क्रैप सामग्री का उपयोग करके व्यावहारिक रूप से काम कर सकते हैं. आइडिया बैंक में अपने आइडिया लिख कर डाल सकते हैं. डिजाइन स्टूडियो, प्रोटोटाइप मॉडल प्रिंट, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स माइक्रोप्रोसेसर आदि की प्रोग्रामिंग सीख सकते हैं.
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