सदर अस्पताल रांची में मीडिया प्रवेश पर सख्ती, बिना अनुमति पत्रकारों की एंट्री पर रोक

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रांची का सदर अस्पताल

रांची सदर अस्पताल सहित जिला के अस्पतालों में पत्रकारों के प्रवेश पर सख्त नियम लागू. अब बिना अनुमति मीडिया की एंट्री प्रतिबंधित. जानें क्या हैं नए दिशानिर्देश.

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बिपिन सिंह की रिपोर्ट

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रांची सदर अस्पताल सहित रांची जिला के निचले क्रम के सभी अस्पतालों में अब पत्रकारों के प्रवेश को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं. सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद ने 11 बिंदुओं पर दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसके बाद रांची जिला में अस्पतालों का आइसीयू-एचडीयू, एसएनसीयू, इमरजेंसी, ओटी, लेबर रूम, प्रोसिड्योर रूम, नर्सिंग एरिया अब पत्रकारों के लिए अब तत्काल आदेश से प्रतिबंधित क्षेत्र होगा.

अस्पताल प्रबंधन से अनुमति लेने के बाद ही पत्रकार अस्पताल में अपनी खबर कर सकेंगे. आदेश में लिखा है कि मरीज की गोपनीयता के सम्मान के लिए यह आदेश निकाला गया है. आदेश में अस्पताल के अंदर रोगियों के वार्ड या संवेदनशील क्षेत्रों में मीडिया के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध निर्धारित किया गया है. वहीं, अस्पतालों को भी अब 6 मानकों का अनुपालन करना होगा. इस संबंध में 17 अगस्त को सोशल एक्टिविस्ट ज्योति शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन को एक पत्र लिखा था, जिसमें बड़ी संख्या में आम लोगों के आइसीयू, एचडीयू जैसे पेशेंट सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति सुरक्षित जोन में दाखिल होने सहित पेशंट सेफ्टी और निजता को लेकर सवाल उठाए गए थे.

मरीजों की निजता सर्वोच्च प्राथमिकता

पत्र के पांच दिन बाद अस्पताल प्रशासन ने मीडिया कर्मियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए बिना पूर्व अनुमति अस्पताल परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है. अब किसी भी पत्रकार या मीडिया प्रतिनिधि को अस्पताल के अंदर रिपोर्टिंग के लिए जाने से पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की निजता और उनकी गरिमा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा. मरीजों की तस्वीर लेने, वीडियो बनाने या उनकी पहचान सार्वजनिक करने से पहले निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.

बताया जा रहा है कि यह कदम पिछले दिनों छात्र आंदोलन के दौरान भर्ती मरीजों को कवर करने आये मीडिया कर्मियों, अतिरिक्त संख्या में तैनात सुरक्षाबलों और बड़ी संख्या में छात्रों के समर्थकों के जमावड़े और बिना इजाजत घुसने और इससे उत्पन्न मरीजों को हुई असुविधा को लेकर उठाये गए हैं. हालांकि, इस फैसले से मीडिया की स्वतंत्रता और अस्पताल में पारदर्शिता को लेकर सवाल भी खड़े हो सकते हैं. अस्पताल प्रशासन के लिए चुनौती यह होगी कि मरीजों की निजता की सुरक्षा और पत्रकारों के स्वतंत्र रिपोर्टिंग के अधिकार के बीच संतुलन कायम रखा जाए. फिलहाल इतना साफ है कि सदर अस्पताल में अब बिना अनुमति कैमरा लेकर पहुंचना या लाइव रिपोर्टिंग करना आसान नहीं होगा.

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पत्रकार आकाश चोपड़ा के खिलाफ दर्ज FIR के बाद उठाए गए कदम

माना जा रहा है कि यह सख्ती पत्रकार आकाश चोपड़ा के खिलाफ दर्ज FIR के बाद उठाए गए कदमों से भी जुड़ी हैं. अस्पताल प्रशासन अब मीडिया की गतिविधियों को लेकर किसी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है. नए दिशा-निर्देशों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अस्पताल परिसर को रिपोर्टिंग के नाम पर अनियंत्रित गतिविधियों का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा.

मीडिया कर्मियों से नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील

प्रशासन ने मीडिया कर्मियों से नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और इलाज की प्रक्रिया की निजता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. उल्लंघन के मामले में पहले भी पत्रकारों पर FIR दर्ज हो चुकी है.

अस्पताल प्रबंधन से लेनी होगी इजाजत

अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक हॉस्पिटल एरिया में बिना अनुमति फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जा सकेगी. अस्पताल में इलाजरत पेशेंट के साथ निर्धारित समय में महज एक एटेंडेंट को जाने की अनुमति होगी. विशेष परिस्थितियों में उक्त आदेश को किसी खास मामले में बदला जा सकता है.

अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारियों को भी तय किया गया

  • विजिटर एवं एटेंडेंट पॉलिसी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो
  • अस्पताल परिसर के अंदर रिस्ट्रिक्टेड एरिया, नो एंट्री, ओनली वन एटेंडेंट अलाउड आदि आवश्यक दिशानिर्देश लगाए जाएं
  • वेटिंग विजिटर एरिया को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाये
  • इमरजेंसी एल्बम एंबुलेंस पैसेज में में किसी भी प्रकार का अवरोध न हो
  • सेक्युरिटी एवं संबंधित कर्मचारियों की नियमित ब्रीफिंग की जाए
  • इसकी जानकारी सभी सेक्युरिटी स्टॉफ एवं संबंधित अस्पताल कर्मी, चिकित्सक को दी जाए
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