झारखंड में मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना शुरू, हर साल चुने जायेंगे 5000 बच्चे, ये हैं जरूरी मापदंड

Updated at : 28 Mar 2022 7:03 AM (IST)
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झारखंड में मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना शुरू, हर साल चुने जायेंगे 5000 बच्चे, ये हैं जरूरी मापदंड

झारखंड में मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना शुरू की गयी है. इस योजना के तहत हर साल 5000 बच्चे चुने जायेंगे. हर बच्चे को एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति चार साल तक दी जायेगी. इन विद्यार्थियों को एक साल में 24 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति दी जायेगी

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के मेधावी छात्रों को बढ़ावा देने के लिए मेधा छात्रवृत्ति योजना की शुरूआत की है. इस योजना के तहत राज्य में हर साल 5 हजारबच्चों को छात्रवृत्ति दी जाएगी. सरकार की योजना के अनुसार अगामी 4 सालों में करीब 20 हजार बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा. इस मद में सरकार को सलाना 24 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे. सबसे बड़ी बात ये है कि सरकार ने मेधावी छात्रों को छात्रवृति देने के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित किये हैं. लाभ पाने वाले विद्यार्थियों को इस चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा.

राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद शिक्षा विभाग ने इसे लेकर झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) को परीक्षा लेने के लिए पत्र भेज दिया है. जैक ने परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है. परीक्षा कक्षा आठ की बोर्ड परीक्षा के बाद ली जायेगी. परीक्षा जून में ली जा सकती है. योजना के तहत कक्षा आठ में सरकारी विद्यालयों में पढ़नेवाले वैसे विद्यार्थी, जो कक्षा सात की परीक्षा 55 फीसदी अंक के साथ उत्तीर्ण हुए हों, परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. एसटी-एससी के विद्यार्थियों को अंक में पांच फीसदी की छूट दी गयी है.

एनटीएसइ की तर्ज पर ली जायेगी परीक्षा :

परीक्षा की पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसइ) की तर्ज पर तैयार की गयी है. परीक्षा दो खंड में ली जायेगी. दोनों खंड में 90-90 अंक के प्रश्न पूछे जायेंगे. प्रश्न की कठिनाई का स्तर कक्षा सात व आठ का होगा. रिजनिंग, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित विषय से प्रश्न पूछे जायेंगे.

हर वर्ष पांच हजार विद्यार्थियों का चयन

छात्रवृत्ति योजना के तहत हर वर्ष राज्य भर से पांच हजार विद्यार्थी का चयन किया जायेगा. वर्ष 2022-23 से छात्रवृत्ति योजना शुरू होगी. परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को कक्षा नौ से 12वीं तक के लिए प्रति वर्ष 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जायेगी. ऐसे में चौथे साल से प्रति वर्ष 20 हजार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने लगेगी. छात्रवृत्ति पर कुल 24 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

हर जिले से 400 विद्यार्थी चुने जायेंगे

छात्रवृत्ति के तहत हर जिले से चयनित होनेवाले विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित कर दी गयी है. एक जिला से अधिकतम 400 बच्चों का चयन होगा. परीक्षा में चयन के लिए कट ऑफ मार्क्स 60 फीसदी निर्धारित किया गया है. सभी खंड में न्यूनतम 40 फीसदी (एसटी-एससी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 35 फीसदी) अंक लाना अनिवार्य होगा. 30 फीसदी सीट छात्राओं के लिए आरक्षित की गयी है.

वर्ष 2019 में बनी थी योजना, अब होगी लागू

सीएम मेधा छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2019 में तैयार की गयी थी. वर्ष 2019 में परीक्षा को लेकर तय प्रावधान के तहत विद्यार्थियों के चयन में परेशानी की बात सामने आयी थी. इसके अलावा कोविड के कारण भी परीक्षा नहीं ली जा सकी थी. इस वर्ष फरवरी में इसमें फिर से बदलाव किया गया. अब तीन साल बाद फिर से परीक्षा लेने की तैयारी शुरू की गयी है.

सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना शुरू की गयी है. परीक्षा को लेकर जैक को पत्र भेज दिया गया है. कक्षा आठ की बोर्ड परीक्षा के बाद परीक्षा ली जायेगी. चयनित विद्यार्थियों को कक्षा नौ से 12वीं तक के लिए छात्रवृत्ति दी जायेगी. योजना के शुरू होने से विद्यार्थियों को अन्य छात्रवृत्ति परीक्षा की भी तैयारी हो जायेगी. राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी स्कूल के बच्चों की भागीदारी बढ़ेगी.

राजेश कुमार शर्मा, सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग

Posted By: Sameer Oraon

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