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लोकसभा चुनाव 2024: झारखंड की 14 सीटों के बंटवारे पर कांग्रेस-झामुमो ने दिल्ली में किया मंथन

Updated at : 13 Jan 2024 7:18 PM (IST)
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लोकसभा चुनाव 2024: झारखंड की 14 सीटों के बंटवारे पर कांग्रेस-झामुमो ने दिल्ली में किया मंथन

लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर I.N.D.I.A. के घटक दलों में मंथन शुरू हो गया है. झारखंड में भी सीटों के बंटवारे पर चर्चा जारी है. 13 जनवरी को दिल्ली में कांग्रेस-झामुमो के बीच सीट शेयरिंग पर चर्चा हुई.

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राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से एक दिन पहले दिल्ली में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ बने इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इन्क्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A.) के घटक दलों ने लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर मंथन शुरू कर दिया है. झारखंड में भी सीटों के बंटवारे पर चर्चा शुरू हो गई है. शनिवार (13 जनवरी) को देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बीच झारखंड में सीट शेयरिंग पर चर्चा हुई. इसमें झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ठाकुर, आलमगीर आलम के अलावा मुकुल वासनिक, सलमान खुर्शीद, अशोक गहलोत और मोहन प्रकाश शामिल हुए. वहीं. झामुमो की ओर से चंपई सोरेन, विनोद कुमार पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, सुदिव्य कुमार सोनू ने बैठक में हिस्सा लिया. झामुमो और कांग्रेस दोनों ही दल झारखंड में ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. इस वक्त झारखंड में झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की अगुवाई में I.N.D.I.A. की सरकार चल रही है. इसमें कांग्रेस और राजद भी शामिल है. लोकसभा चुनाव 2024 में ये तीनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ना चाहतीं हैं, ताकि पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार को सत्ता से बेदखल किया जा सके.

झारखंड की 14 में से 12 सीटों पर एनडीए का कब्जा

झारखंड में कुल 14 लोकसभा सीटें हैं, जिसमें 11 सीटें वर्ष 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीतीं थीं. एक सीट पर उसकी सहयोगी पार्टी आजसू ने जीत दर्ज की थी. एक सीट झामुमो के खाते में आई थी, तो एक सीट पर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिली थी. अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित संताल परगना की राजमहल लोकसभा सीट पर झामुमो के विजय हांसदा ने जीत दर्ज की थी, जबकि कोल्हान की सिंहभूम (एसटी) सीट पर कांग्रेस के टिकट पर गीता कोड़ा चुनाव जीतीं थीं. बाकी किसी भी सीट पर कांग्रेस, झामुमो या राजद को जीत नहीं मिली थी. झारखंड में इस हालात को ये पार्टियां बदलना चाहतीं हैं और अधिक से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए मिलकर रणनीति बना रहीं हैं. इसलिए झारखंड से कांग्रेस और झामुमो के नेता दिल्ली गए थे.

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I.N.D.I.A. की वर्चुअल बैठक

बता दें कि आज ही I.N.D.I.A. की वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाने का प्रस्ताव कांग्रेस की ओर से रखा गया. लेकिन, नीतीश कुमार ने संयोजक बनने से इंकार कर दिया. इसके बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का नाम आगे किया गया. इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं हुईं.

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2019 के लोकसभा चुनाव में राजमहल (एसटी) सीट किस पार्टी के खाते में आई थी?

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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