लोबिन हेम्ब्रम ने राजमहल संसदीय सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया ऐलान, बोले- मैं नहीं झामुमो हुआ बागी

लोबिन हुए बागी, विजय हांसदा के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव. प्रभात खबर
झामुमो के वरीय नेता लोबिन हेम्ब्रम ने राजमहल सीट से निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. साथ ही उन्होंने झामुमो पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं.
Table of Contents
रांची, राजलक्ष्मी : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ एवं लोकप्रिय नेता लोबिन हेम्ब्रम ने राजमहल संसदीय सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव 2024 लड़ने का ऐलान कर दिया है. साथ ही कहा है कि वह बागी नहीं हुए हैं, बागी झामुमो हुआ है.
सिद्धांत से भटक गया झामुमो, पूरे नहीं किए वादे : लोबिन हेम्ब्रम
बोरियो विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक ने साफ कर दिया है कि वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राजमहल लोकसभा सीट से आम चुनाव 2024 लड़ेंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोबिन ने इसकी घोषणा की. लोबिन ने कहा कि झामुमो ने वर्ष 2019 में जिन सिद्धांतों पर विधानसभा का चुनाव जीता था, उन सिद्धांतों पर वह टिक न सका. कहा कि पार्टी ने न तो लोगों को रोजगार दिया, न ही स्थानीय नीति का कानून लागू किया.
राजमहल लोकसभा क्षेत्र के लोग विजय हांसदा के पक्ष में नहीं
लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि राजमहल लोकसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय हांसदा इकलौते सांसद हैं. लेकिन, इस बार जनता विजय हांसदा के पक्ष में नहीं है. किसी से भी जाकर पूछ लीजिए, हर कोई विजय हांसदा का विरोध करता है. कई विरोध पत्र, शिकायत और वहां के लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा के ऑफिस तक आकर विजय हांसदा की शिकायत करते रहे हैं. सब चीजों को दरकिनार करते हुए पार्टी ने एक बार फिर से विजय हांसदा पर ही भरोसा किया है.
कल्पना सोरेन कौन होतीं हैं कि मैं उनसे कोई शिकायत करूं
लोबिन हेम्ब्रम आगे कहते हैं कि जब मैंने विजय हांसदा की शिकायत पार्टी से की, तो बसंत सोरेन ने भी इसका समर्थन किया. कई लोगों ने मुझसे कहा कि उसकी शिकायत मैंने कल्पना सोरेन से क्यों नहीं की. इस पर उन्होंने कहा- मैं कहना चाहता हूं कि कल्पना सोरेन कौन होती है, जिससे मैं इसकी शिकायत करूं. मैंने मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन से बात की थी. बसंत सोरेन होते, तो मैं उनसे बात करता.
Also Read : विधायक लोबिन हेंब्रम ने फिर बोला अपनी ही सरकार पर हमला, झारखंड बंद का भी किया समर्थन
घर की बहू बाहर क्यों चली गई, किसी ने नहीं सोचा : लोबिन हेम्ब्रम
लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि दुर्गा सोरेन के निधन के बाद जिस तरह यह गद्दी हेमंत सोरेन को मिली, उसी तरह हेमंत सोरेन के सत्ता छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी बसंत सोरेन को मिलनी चाहिए थी. अगर नियम यही कहता है, तो दुर्गा सोरेन के निधन के बाद पार्टी की कुर्सी सीता सोरेन को मिलनी चाहिए थी. आज घर की बहू बाहर क्यों चली गई. इस पर किसी ने विचार नहीं किया. लोबिन हेम्ब्रम ने यह भी कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगे. झामुमो में रहते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. वह पार्टी की लाज बचाने के लिए चुनाव लड़ने जा रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




