इलेक्ट्रिक कारों को सस्ता करने में झारखंड की होगी बड़ी भूमिका, बैट्री के लिए लिथियम की हो रही खोज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Feb 2023 11:37 AM
झारखंड के माइका बेल्ट खासकर कोडरमा, गिरिडीह और पूर्वी सिंहभूम जिलों में लिथियम पाये जाने की संभावना जतायी गयी है. इसको लेकर जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने प्रारंभिक स्तर पर माइका बेल्ट में इसकी खोज शुरू कर दी है. इसका इस्तेमाल रिचार्ज की जाने वाली बैट्री में किया जाता है.
रांची, सुनील चौधरी : भारत सरकार के निर्देश पर पूरे देश में लिथियम के भंडार की खोज की जा रही है. हाल ही में जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में 59 लाख टन लिथियम का विशाल भंडार मिला है. इधर, झारखंड में भी लिथियम की संभावना बतायी जा रही है. माइका बेल्ट खासकर कोडरमा और गिरिडीह के इलाके में लिथियम पाये जाने की संभावना जतायी गयी है. साथ ही पूर्वी सिंहभूम के इलाके में भी इसकी संभावना जतायी गयी है. खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, एटॉमिक एनर्जी कॉरपोरेशन ने इन जगहों पर संभावना जतायी है. भूतत्व विभाग जल्द ही खोज शुरू करने जा रहा है. वहीं, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआइ) ने प्रारंभिक स्तर पर माइका बेल्ट में इसकी खोज शुरू कर दी है.
क्या होता है लिथियम
लिथियम एक तरह का खनिज है. इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन और लैपटॉप में लगने वाली बैट्री में किया जाता है. लिथियम का इस्तेमाल बार-बार रिचार्ज की जाने वाली बैट्री में किया जाता है. डीजल और पेट्रोल की गाड़ियों पर निर्भरता खत्म करने के लिए पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ी है. इस कारण तेजी से लिथियम की खोज शुरू हुई है. भारत इस ओर अग्रसर है और निरंतर लिथियम भंडारण बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. ताकि, भविष्य में इस दुर्लभ खनिज के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सके.
भविष्य की खोज है लिथियम
लिथियम को भविष्य का खजाना माना जा रहा है. पूरी दुनिया में ऊर्जा संरक्षण और बैट्री के निर्माण में लिथियम की व्यवहार्यता बढ़ती जा रही है. वर्तमान में भारत में इसका भंडार तुलनात्मक रूप से काफी कम है. भारत में लिथियम-आयन बैटरी के निर्माण के लिए पर्याप्त लिथियम भंडार नहीं है. देश में लगभग सभी इलेक्ट्रिक वाहन आयातित बैट्री पर चलते हैं, जिनमें ज्यादातर चीन से आते हैं.
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कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में मिला है भंडार
भारत में कर्नाटक के मांडया में 1600 टन लिथियम का भंडार मिला है. वहीं, हाल ही में जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में 59 लाख टन लिथियम का विशाल भंडार का पता चला है. भारत वर्तमान में अपनी सभी लिथियम जरूरतों को आयात कर पूरा करता है. भारत की ऊर्जा सुरक्षा योजनाओं के हिस्से के रूप में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) ने अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू और कश्मीर और राजस्थान में कुल मिलाकर सात लिथियम अन्वेषण परियोजनाएं शुरू की है.
दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडारित देश
बोलीविया : 21 मिलियन टन
अर्जेंटीना : 17 मिलियन टन
चिली : नौ मिलियन टन
यूएसए : 6.8 मिलियन टन
ऑस्ट्रेलिया : 6.3 मिलियन टन
चीन : 4.5 मिलियन टन.
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