JSSC कर्मियों का छलका दर्द- “EMI कहां से भरेंगे, घर कैसे चलाएंगे?”, प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरने पर बैठे
JSSC कर्मियों का प्रोजेक्ट भवन में धरना
JSSC चयनित कर्मचारियों ने रांची के प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन कर सरकार के फैसले का विरोध किया. नौकरी खोने के डर से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है. "EMI कहां से भरेंगे?" जैसे सवाल उनकी चिंता को दर्शाते हैं.
रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट
JSSC CGL Employees Protest: JSSC CGL परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच चयनित कर्मचारियों का आंदोलन बुधवार को और तेज हो गया. सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे JSSC कर्मी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरने पर बैठ गए. इसके बाद प्रदर्शनकारी झारखंड मंत्रालय परिसर में दाखिल हो गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों और आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी देखने को मिली. प्रदर्शनकारी कर्मचारी सरकार के फैसले से नाराज हैं और अपनी नौकरी तथा भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं. कर्मचारियों के हाथों में अलग-अलग पोस्टर नजर आए. इनमें “न्याय दो या फांसी दो” जैसे पोस्टर भी शामिल थे. कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौकरी ज्वाइन की है और कई कर्मचारी पिछले कई महीनों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में अब परीक्षा और नियुक्ति को लेकर लिए जा रहे फैसलों से उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है.
“नौकरी गई तो EMI कहां से भरेंगे?”
धरने पर बैठे कर्मचारियों का दर्द उनके सवालों में साफ नजर आया. कर्मचारियों ने कहा, “अगर नौकरी चली गई तो EMI कहां से भरेंगे? घर का खर्च कैसे चलेगा? बच्चों की स्कूल फीस कैसे देंगे और बैंक का लोन कैसे चुकाएंगे?” कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी मिलने के बाद उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों के हिसाब से कई फैसले लिए. कई कर्मचारियों ने दूसरी नौकरियां छोड़कर JSSC CGL के जरिए मिली सरकारी नौकरी ज्वाइन की। ऐसे में अब नौकरी जाने की आशंका ने उनके सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है. कर्मचारियों की मांग है कि अगर परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए, लेकिन पूरी प्रक्रिया के बाद चयनित होकर सेवा दे रहे कर्मचारियों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए. सरकार उनके भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्णय ले.

44 परीक्षाओं पर फैसले के बाद बढ़ी चिंता
झारखंड सरकार की ओर से 44 परीक्षाओं/भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर कार्रवाई के फैसले के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ-साथ पहले से नौकरी कर रहे चयनित कर्मचारियों की चिंता भी बढ़ गई है. सरकार के फैसले के तहत कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और कुछ मामलों में जांच की प्रक्रिया अपनाए जाने की बात सामने आई है. इसका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है, जो संबंधित परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं के जरिए सरकारी सेवा में पहुंच चुके हैं. JPSC के जरिए नियुक्त CDPO को लेकर भी नौकरी और भविष्य को लेकर चिंता का माहौल है. सरकार के फैसले को लेकर जहां परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी इसे अपने संघर्ष की जीत के तौर पर देख रहे हैं, वहीं चयनित होकर नौकरी कर रहे कर्मचारियों के सामने अब रोजगार, परिवार और आर्थिक भविष्य का सवाल खड़ा हो गया है.

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“जब तक न्याय नहीं मिलेगा, डटे रहेंगे”
मंत्रालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे JSSC कर्मियों ने साफ कहा कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं. कर्मचारियों का कहना है कि “जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हम डटे रहेंगे.” मंत्रालय परिसर में कर्मचारियों के पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई. हालांकि, कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते रहे.

नियुक्तियों की राह में बढ़ी चुनौती
परीक्षाओं के रद्द होने, अलग-अलग नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच और कानूनी पेचिदगियों के बीच आने वाले समय में झारखंड में नई सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है. हालांकि, अगले दो साल तक कोई नियुक्ति नहीं हो पाएगी, ऐसा दावा फिलहाल निश्चित रूप से नहीं किया जा सकता. लेकिन बड़ी संख्या में परीक्षाओं और नियुक्तियों की समीक्षा से भर्ती प्रक्रिया पर असर पड़ना तय माना जा रहा है. कुल मिलाकर JSSC और JPSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब सिर्फ परीक्षा रद्द करने या जांच तक सीमित नहीं रह गया है. एक तरफ परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी हैं, तो दूसरी तरफ चयनित होकर नौकरी कर रहे कर्मचारी हैं, जिन्हें अब अपनी नौकरी, परिवार और भविष्य की चिंता सता रही है. प्रोजेक्ट भवन में JSSC कर्मियों का प्रदर्शन इसी बढ़ती बेचैनी की तस्वीर सामने रख रहा है.
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लेखक के बारे में
By प्रिया गुप्ता
प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.
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