JPSC ने PT परीक्षा का जारी किया आंसर की, अभ्यार्थियों से मांगा गया इस मामले पर आपत्ति पत्र
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 22 Sep 2021 6:52 AM
झारखंड लोक सेवा आयोग के इतिहास में पहली बार 48 घंटे के अंदर ही जारी हुआ मॉडल उत्तर. अभ्यर्थियों से किसी भी प्रश्न के उत्तर में त्रुटि पर साक्ष्य के साथ 28 सितंबर तक मांगी गयी आपत्ति
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने सातवीं, आठवीं, नौवीं और 10वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का मॉडल उत्तर परीक्षा के 48 घंटे के अंदर जारी कर दिया है. परीक्षा 19 सितंबर 2021 को दो पाली में ली गयी. आयोग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब इतनी जल्दी मॉडल उत्तर जारी किया गया हो. आयोग ने पेपर वन व पेपर टू का मॉडल उत्तर जारी करते हुए अभ्यर्थियों से किसी भी प्रश्न के उत्तर में त्रुटि मिलने पर साक्ष्य के साथ 28 सितंबर 2021 तक आपत्ति/सुझाव मांगा है.
आपत्ति दर्ज करने के लिए अभ्यर्थी को अपना रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम, पेपर (वन/टू), विषय, प्रश्न पत्र पुस्तिका शृंखला के साथ क्रम संख्या, प्रश्न संख्या, अौपबंधिक उत्तर, परीक्षार्थी द्वारा सुझाया गया उत्तर और आपत्ति का आधार भी देना होगा. इसके बाद अभ्यर्थी को सभी सूचनाअों का पीडीएफ बनाकर आयोग द्वारा जारी ई मेल आइडी पर भेजना होगा. पीएडीएफ का साइज 22 एमबी से अधिक नहीं होना चाहिए. आयोग ने आपत्ति ई-मेल आइडी (anskeyobj@jpsc.gov.in) जारी किया है. आयोग ने भी स्पष्ट किया है कि 28 सितंबर 2021 के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा.
मॉडल उत्तर में न्यायमूर्ति एचएल दत्तू को बताया राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का वर्तमान अध्यक्ष : जेपीएससी ने मॉडल उत्तर में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के वर्तमान अध्यक्ष का सही उत्तर न्यायमूर्ति एचएल दत्तू को बताया है. अभ्यर्थियों के अनुसार सही उत्तर में वर्तमान में अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्र होना चाहिए, जो आयोग द्वारा दिये गये चार विकल्प में है ही नहीं.
विकल्प के रूप में दिये गये न्यायमूर्ति एएस आनंद का कार्यकाल 2003 से 2006 तक, न्यायमूर्ति एस राजेंद्र बाबू का कार्यकाल 2007 से 2009, न्यायमूर्ति के बालाकृष्णन का कार्यकाल 2010 से 2015, न्यायमूर्ति एचएल दत्तू का कार्यकाल 2016 से दो दिसंबर 2020 तक रहा. वर्तमान न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्र दो जून 2021 को अध्यक्ष बनाये गये हैं.
इसी प्रकार एक अन्य प्रश्न किस परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापित क्षमता सर्वाधिक है? उत्तर में दिये गये चार विकल्प में आयोग ने तारापुर को सही माना है, जबकि अभ्यर्थियों के अनुसार सर्वाधिक क्षमता देनेवाला संयंत्र तमिलनाडू का कुडनकुलम है. रूस की सहायता से बने इस संयंत्र में एक-एक हजार मेगावाट क्षमता के दो रिएक्टर स्थापित हैं. यानी दो हजार मेगावाट का उत्पादन है. आयोग द्वारा दिये गये विकल्प में काकरापार, कैगा, नरोरा व तारापुर हैं, जबकि कुडनकुलम विकल्प में नहीं हैं. तारापुर की क्षमता 1400 मेगावाट है.
एक अन्य प्रश्न आधुनिक भारत के इतिहास की घटनाअों को काल क्रमानुसार व्यवस्थित कर बताना था. विकल्प के रूप में (ए) स्वदेशी आंदोलन, (बी) लखनऊ समझौता, (सी) मार्ले-मिंटो सुधार व (डी) अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना को क्रम में रखा गया. लेकिन आयोग के मॉडल उत्तर में डी-ए-सी-बी को सही बताया गया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि सही उत्तर के रूप में ए-डी-सी-बी होना चाहिए,जो विकल्प में नहीं दिये गये हैं. स्वदेशी आंदोलन 1905 में हुआ, इसके बाद 1906 में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना हुई. 1909 में मोर्ले मिंटो सुधार तथा 1916 में लखनऊ समझौता हुआ है.
Posted By : Sameer Oraon
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