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ईवीएम और चुनाव आयोग के घोषित परिणाम के दम पर ही सत्ता सुख भोग रहा झामुमो, बोले भाजपा नेता डॉ अरुण उरांव

Updated at : 03 Apr 2024 7:41 PM (IST)
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भाजपा प्रवक्ता डॉ अरुण उरांव.

झामुमो पर पलवाटर करते हुए झारखंड भाजपा के प्रवक्ता पूर्व आईपीएस ऑफिसर अरुण उरांव ने कहा है कि इवीएम से आए चुनाव परिणाम के दम पर ही वह सत्ता सुख भोग रहा है.

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आईपीएस ऑफिसर से नेता बने डॉ अरुण उरांव, जो अब भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता हैं, ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को लताड़ लगाई है. कहा है कि ईवीएम और चुनाव आयोग के घोषित परिणाम पर ही झामुमो आज सत्ता सुख भोग रहा है.

सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर डॉ अरुण उरांव ने किया पलटवार

झामुमो के महासचिव सह मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर डॉ उरांव ने बुधवार (3 मार्च) को कड़ी प्रतिक्रिया दी. डॉ उरांव ने कहा कि देश में चुनाव आयोग के निर्देश से अब तक 5 राज्यों के 8 डीएम और 12 एसपी बदले गए. इसमें देवघर के एसपी भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि झामुमो की बौखलाहट बता रही है कि देवघर के एसपी राज्य के पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि झामुमो के कार्यकर्ता हैं.

चुनाव में हार से पहले ही घबरा गया है झारखंड मुक्ति मोर्चा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रवक्ता डॉ अरुण उरांव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अपनी आसन्न हार से घबरा गया है. अभी तो हार का सामना करना बाकी है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष एवं संवैधानिक संस्था है, जो देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है. डॉ उरांव ने कहा कि झामुमो खुद को इन सभी से ऊपर मानता है. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी संस्था, जो झामुमो के अनुकूल काम नहीं करेगी, वह भाजपा समर्थक हो जाएगी.

ईवीएम और चुनाव आयोग के फैसले के दम पर ही चल रही सरकार

डॉ अरुण उरांव यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि जिस ईवीएम मशीन और चुनाव आयोग को झामुमो पानी पी-पीकर गाली दे रहा है, उसी के द्वारा घोषित परिणाम पर झामुमो ‘ठगबंधन’ राज्य में सत्ता सुख भोग रहा है.

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चुनाव के दौरान ट्रांसफर-पोस्टिंग का है चुनाव आयोग को अधिकार

भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग करना चुनाव आयोग का अधिकार है. शिकायत मिलने पर कार्रवाई करना उनका कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अपनी सरकार के कारनामों को याद करे. कैसे लोहरदगा में स्लीपर सेल की रिपोर्ट करने वाले डीएसपी का रातोंरात ट्रांसफर कर दिया था. कैसे तमाड़ चुनाव में एक पुलिस अधिकारी को उग्रवादी के खिलाफ कार्रवाई करने कि ले सजा भुगतनी पड़ी थी.

ट्रांसफर के बाद भी जांच नहीं रुकेगी, तो झल्ला क्यों रहा झामुमो?

डॉ अरुण उरांव ने यह भी कहा कि एक ओर झामुमो को विश्वास है कि ट्रांसफर के बावजूद जांच की प्रक्रिया नहीं रुकेगी. अगर ऐसा है, तो फिर वह झल्ला क्यों रहा है. सरकार उनकी है, फिर चुनाव आयोग को लपेटने की जरूरत क्यों पड़ी. डॉ उरांव ने कहा कि जो वहां पदस्थापित होने वाले अन्य अधिकारी से जांच करवाकर दोषी को दंडित करवाएं.

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झारखंड में अंतिम सांसें गिन रहा इंडी ठगबंधन : डॉ अरुण उरांव

झारखंड पुलिस का हिस्सा रह चुके डॉ अरुण उरांव ने कहा कि दरअसल झामुमो चौतरफा संकट से घिर चुका है. जनता को झामुमो या उसके लीडर पर विश्वास नहीं रहा. उनकी सरकार ने अब तक जो भ्रष्टाचार किए हैं, उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई, तो वे भयभीत हो गए हैं. अरुण उरांव ने मोदी विरोधी देशव्यापी गठबंधन I.N.D.I.A. को इंडी ठगबंधन करार देते हुए कहा कि झारखंड में यह अंतिम सांसें गिन रहा है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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