Budget 2023: झामुमो और कांग्रेस ने बजट को लेकर केंद्र सरकार को घेरा, बीजेपी-आजसू ने तारीफों के बांधे पुल

यूनियन बजट 2023 पर सभी पार्टियां अपना रिएक्शन दे रही हैं. एक ओर झामुमो और कांग्रेस इसे लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर नजर आई तो वहीं बीजेपी और आजसू ने बजट की जमकर तारीफ की है.
Budget 2023: केंद्रीय बजट को लेकर पक्ष-विपक्ष के नेता विपरीत प्रतिक्रिया दे रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस, झामुमो और राजद ने केंद्र सरकार को घेरा है. वहीं भाजपा ने बजट की सराहना की है. सत्ता पक्ष ने कहा है कि बजट में गरीबों की चिंता नहीं है, पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है. महंगाई कैसे खत्म होगी, रोजगार कैसे बढ़ेंगे, इसका कोई विजन नहीं है. 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने चुनावी बजट पेश किया है. वहीं भाजपा और आजसू ने कहा है कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर और महाशक्ति बनायेगा.
कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि बजट बोगस है. इसमें केवल घोषणाएं हैं, पहले की तरह योजनाएं पूरी नहीं होनेवाली है. यह केंद्र सरकार का इतिहास रहा है़ पिछले बजट में 80 लाख पीएम आवास बनाने की घोषणा की गयी थी, लेकिन 38 लाख आवास ही बन पाये. दिसंबर 2024 का समय मांगा गया है़ 12 हजार किमी सड़क बनाना था, लेकिन 5300 किमी सड़कें ही बन पायी है. 400 वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की घोषणा की गयी थी, लेकिन जनवरी तक आठ ट्रेनों को ही चालू किया जा सका. 3.8 करोड़ घर को नल जल से जोडा़ जाना था. वह आधे से कम 1.7 करोड़ घरों मे ही नल जल कनेक्ट हो पाया. ऐसे में बजट फिर एक बार मुंगेरी लाल के हसीन सपने की तरह माना जायेगा.
कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा है कि यह लोकलुभावन और 2024 के चुनाव को देखते हुए राजनीतिक बजट है़ इससे देश की गरीब व मध्यमवर्गीय जनता को कुछ मिलनेवाला नहीं है़ मध्यमवर्गीय परिवार फिर ठगा गया है़ मनरेगा में लगातार प्रावधान कम किया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई बढ़ेगी. इस बजट में महंगाई व बेरोजगारी पर कोई बात नहीं की गयी है. इस बजट से महंगाई और बढ़ने वाली है. देश की जनता को तंग व तबाह करने वाला बजट है़
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि महीने का 30 हजार कमानेवाले व्यक्ति को भी टैक्स देने के लिए मजबूर किया गया है़ ये बेहिसाब महंगाई का दंश झेल रहे मध्यम वर्गीय परिवारों पर और अत्याचार है. जब देश में लोगों के पास रोजगार नहीं है, तब संवेदनहीन सरकार लोगों से कर वसूलने में लगी हुई है, जो निंदनीय है़ं यह बजट देश का बजट नहीं है, इसमें मध्यम वर्गीय परिवारों को, गरीबों और वंचितों के हितों को दरकिनार किया गया है़ चुनावी उद्देश्य की मंशा से बनाये गये इस बजट को जनता नकारती है. किसानों, मजदूरों और कामगारों के हक और अधिकार को रौंदने वाला बजट है़ं
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा है कि केंद्र सरकार का बजट सभी वर्ग की परेशानियों को बढ़ानेवाला है. आनेवाले दिनों में इसके कारण सभी की कठिनाइयां और ज्यादा बढ़ जायेगी. देश का आर्थिक विकास गहराई तक प्रभावित होगा, बल्कि महंगाई भी बढ़ेगी़ इससे जूझ रहे लोगों में निराशा फैलेगी़ इस वर्ष सरकार का बजट पूरी तरीके से लोकलुभावन है और यह केवल एक बढ़िया पैकेज में लिपटा है. लेकिन आंतरिक तौर पर यह बजट देश को कमजोर करनेवाला है.
कांग्रेस नेता शशि भूषण राय ने कहा है कि प्रचार-प्रसार में व्यस्त मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर रखा है़ रोजगार सृजन के साधन से ही अर्थव्यवस्था में सुधार संभव है़ इस बजट में पूरी तरह से रोजगार सृजन के अवसरों को दरकिनार कर दिया गया है और हमारे युवा वर्ग के नौकरियों के लिए कुछ भी खास नहीं किया गया. इस बजट से समाज का हर वर्ग निराश है.
कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा है कि यह बजट उम्मीदों के विपरित निराशाजनक है़ स्वास्थ्य शिक्षा, खेती, मनरेगा सहित कई मद में पैसे की कटौती की गयी है. इस बजट से आर्थिक असमानता बढ़ेगी़ कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा है कि भाजपा के लोग बताये कि बजट से किस तरह महंगाई कम होगी और क्या बेरोजगारी दूर हो सकती है़ चुनाव को ध्यान में रख कर बनाया गया बजट है, देश को ध्यान में नहीं रखा गया है. कांग्रेस नेता विनय सिन्हा दीपू ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह बजट अपने पूंजीपति मित्रों को ध्यान में रख कर बनाया है़ महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ कुमार राजा ने लोकसभा में पेश हुए वित्तीय बजट 2023-24 को भारत के भोले-भाले नागरिकों के आंखों मेें धूल झोंकने वाला बताया है.
वरिष्ठ नेता झामुमो सुप्रियो भट्टाचार्य द्वारा जारी झामुमो की प्रतिक्रिया में कहा गया है कि बजट न केवल निराशाओं से परिपूर्ण है एवं केवल आकर्षक शब्दों का मायाजाल है. चारों तरफ कहा जा रहा है कि आयकर में छूट दी गयी, यह संपूर्ण भ्रामक एवं तथ्यों से परे है. आयकर की छूट जहां पहले 2.50 लाख तक की थी, उसमें मात्र 50,000 की वृद्धि की गयी और छूट की सीमा 2,50,000 से बढ़ा कर 3,00,000 कर दी गयी है. तीन से छह लाख के बीच पांच प्रतिशत आयकर देना पड़ेगा. आज के वक्त भारत के 80 प्रतिशत लोगों की मासिक आमदनी अधिकतम 25,000 या उससे नीचे है. मतलब अब गरीबों एवं निम्न आय वर्ग के लोगों को भी निचोड़ा जायेगा.
माकपा ने केंद्रीय बजट को खोखला बताया है. पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से निपटने के लिए बजट में कोई विजन नजर नहीं आता. बजट में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है. आम जनों के लिए केवल बड़ी बड़ी घोषणा की गयी है.
भाकपा माले बजट को दिशाविहीन करार दिया है. पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक व जिला मंत्री अजय सिंह ने कहा कि यह आम बजट न हो कर एक खास तबके और चुनावी घोषणा पत्र की तरह है. महगांई और रोजगार को लेकर बजट में कोई चर्चा नहीं है. मनरेगा बजट में कटौती की गयी है. सभी क्षेत्रो में एफडीआइ को बढ़ाने की कोशिश की गयी है, जो देश को आर्थिक गुलामी की ओर ले जायेगा.
झारखंड पार्टी के प्रधान महासचिव अशोक भगत ने कहा कि बजट में काम की बातें कम और भविष्य में बहुत कुछ करने की बातें ज्यादा हैं. 2023 में नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके साथ ही बीजेपी 2024 में सत्ता में बने रहने की लड़ाई भी लड़ रही है. यह बजट उसी का परिणाम है. मध्यम वर्ग के वोटरों को लुभाने की कोशिश की गयी है. इस बजट से उम्मीद नहीं.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि बजट में गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला, आदिवासी, दलित, पिछड़े सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है. उन्होंने कहा कि बजट में समावेशी विकास, अंत्योदय, बुनियादी ढांचा विकास, कौशल उन्नयन, हरित विकास, युवा और वित्तीय क्षेत्र को समाहित किया गया है. बड़े उद्योग के साथ छोटे उद्योग एमएसएमई को बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया है. किसानों के लिए डिजिटल ट्रेनिंग के साथ ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में विशेष प्रावधान किये गये हैं.
केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि सर्वसमावेशी, देश के सर्वांगीण विकास को समर्पित और भारत को आत्मनिर्भर बना कर दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनानेवाला है. इसमें मध्य वर्ग और वेतनभोगी वर्ग के हितों का ध्यान रखते हुए आय कर का स्लैब घटाते हुए सात लाख रुपए तक की आय को करमुक्त किया गया है. वहीं दूसरी ओर महिला सशक्तिकरण को बल देनेवाली बचत योजना महिला सम्मान बचत पत्र का प्रावधान भी किया गया है.
सांसद संजय सेठ ने कहा कि यह अंत्योदय की संकल्पना को साकार करने वाला बजट है. यह 2047 में समृद्ध भारत और समर्थ भारत को मजबूती प्रदान करने वाला बजट है. यह बजट इसलिए भी अनूठा है क्योंकि देश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के लिए खास ख्याल रखा गया है. इसमें मध्यम वर्ग के हर सपने को पूरा करने के लिए ऊर्जा दी गयी है.
विधायक सीपी सिंह ने कहा कि यह अमृत काल का बजट है. इस बजट में टैक्स स्लैब परिवर्तन किया जाना स्वागत योग्य कदम है. बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है. पीएम आवास योजना के लिए 66 प्रतिशत बढ़ोत्तरी, भारतीय रेलवे के लिए 240 लाख करोड़ का आवंटन करने की पहल राष्ट्र में विकास की गति को तेज करेगा.
भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ प्रदीप वर्मा ने कहा कि यह आम बजट 130 करोड़ देशवासियों के कल्याण के लिए समर्पित है. यह बजट देश की अर्थव्यवस्था में नौकरी पेशा, कृषक, उद्यमी, छात्र, महिला मध्यम वर्ग के विकास में सहायक होगा.
पूर्व सांसद अजय मारू ने बजट को विकासोन्मुख बताया है. उन्होंने कहा कि बजट में जनजातीय लोगों को राहत दी गयी है. विलुप्त हो रहे आदिवासियों के जीवन को सुधारने के लिए भी बजट में कदम उठाये गये हैं
पूर्व सांसद महेश पोद्दार ने कहा कि अर्थव्यवस्था को केंद्र में रख कर बजट तैयार किया गया है. इनकम टैक्स में मध्यम वर्ग को राहत देने का काम किया गया है. झारखंड के लिए एकलव्य विद्यालय, नर्सिंग कॉलेज, रेलवे, शहरीकरण के लिए कैपिटल लोन के मौके हैं. बजट में विकसित भारत की तसवीर का रास्ता दिखा रहा है.
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि केंद्रीय बजट से झारखंड को सीधे तौर पर बड़ा फायदा मिला है. प्रधानमंत्री के विकास मिशन के तहत जनजातीय योजना में तीन वर्षों में 15 हजार करोड़ की राशि आवंटित की गयी है, जिससे आदिवासी गांवों में आवास, पेयजल,सड़क और शिक्षा में सुधार होगी.
भाजपा प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक राहुल अवस्थी ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा पेश किये गये अमृतकाल बजट में युवा वर्ग का ध्यान रखा गया है. युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मोदी सरकार अलग से एग्रीकल्चर फंड बनाने की योजना है.
आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि यह बजट हर वर्ग की उम्मीदों और राष्ट्र के उत्थान वाला है. श्री महतो ने बजट का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि विकसित भारत, सशक्त भारत के संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्यों से लोक-कल्याणकारी आम बजट पेश किया गया है. इस बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है.
सुदेश महतो ने आगे कहा कि खास कर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देना सराहनीय कदम है. बजट गांव, गरीब, किसान, नौजवान व महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग की उम्मीदों को पूरा करेगा. पीएम आवास योजना के लिए 66 प्रतिशत बढ़ोत्तरी, भारतीय रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ का आवंटन करने की व्यवस्था अब तक का सबसे बड़ा निर्णय है. बजट से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए अगले तीन वर्षों में 38,000 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती हो सकेगी. शिक्षित एवं विकसित भारत के अभियान को गति मिलेगी. जनजातीय समाज की प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा.
आजसू विधायक डॉ लंबोदर महतो ने आम बजट की सराहना करते हुए कहा है कि इस बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है़ बजट में विशेषकर मध्यमवर्ग व नौकरीपेशा वर्ग के लिए राहत की घोषणा की गयी है़ बजट में मध्यम वर्ग की तकलीफों को समझ कर आयकर में राहत दी गयी है. बजट में किसान व जनजातीय समुदाय का भी ध्यान रखा गया है़
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डाॅ दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि यह बजट देश के गांव, गरीब, मजदूर तथा किसानों को समृद्ध करने वाला बजट बताया है. उन्होंने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र के विकास पर जोर दिया गया है. वहीं भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजय जायसवाल ने कहा कि यह बजट देश के विकास को गति देगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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