Jharkhand News: रिम्स के 18 मेडिकल स्टूडेंट्स को हॉस्टल खाली करने का आदेश, कई पर लगा एक साल का बैन

Updated at : 12 Oct 2021 7:16 PM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand News: रिम्स के 18 मेडिकल स्टूडेंट्स को हॉस्टल खाली करने का आदेश, कई पर लगा एक साल का बैन

रिम्स के सीनियर-जूनियर मेडिकल स्टूडेंट्स के बीच मारपीट की घटना के बाद 18 छात्रों पर गाज गिरी है. मंगलवार को रिम्स ऑफिस से 18 मेडिकल छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकालने का आदेश जारी हुआ है. इसमें तीन महीने से एक साल तक के लिए इन्हें हॉस्टल से निष्कासित किया गया है.

विज्ञापन

Jharkhand News (रांची) : रिम्स के हॉस्टल में सीनियर-जूनियर मेडिकल स्टूडेंट्स के बीच मारपीट की घटना के बाद रिम्स प्रबंधन ने 18 मेडिकल स्टूडेंट्स को हॉस्टल से निष्कासित करने का आदेश जारी किया है. इसमें दो JDA सदस्यों डॉ मृणाल और डॉ अभिषेक के साथ कुल 18 स्टूडेंट्स व डॉक्टर्स को रिम्स कैंपस स्थित हॉस्टल से निष्कासित किया गया है. इस दौरान अन्य सुविधाएं जैसे कैंटिन व मेस की सुविधा से भी वंचित किया गया. वहीं, निष्कासित अवधि में इन स्टूडेंट्स को अपने सहयोगियों के कमरों में भी रहने की अनुमति नहीं दी गयी है.

undefined

बता दें कि गत 4 सितंबर, 2021 को रिम्स हॉस्टल में सीनियर-जूनियर के बीच भिड़ंत हो गयी थी. हॉस्टल में हंगामा इतना बढ़ गया था कि बरियातू पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. इस घटना के बाद रिम्स निदेशक के आदेश पर जांच टीम गठित की गयी थी. इसके बाद जांच शुरू हुई और तदर्थ समिति की अनुशंसा व रिम्स निदेशक द्वारा दोषी पाये गये मेडिकल स्टूडेंट्स पर कार्रवाई करने का आदेश पारित हुआ.

इन मेडिकल छात्रों को हॉस्टल से किया गया निष्कासित

इस आदेश के बाद रिम्स के 18 मेडिकल स्टूडेंट्स को तीन महीने से लेकर एक साल तक के लिए हॉस्टल से निष्कासित किया गया है. सभी के लिए निष्कासन की अवधि 18 अक्टूबर, 2021 से जारी हो जायेगी.

नाम : निष्कासन की अवधि
आशिष नचिकेता : 3 महीना
अनुज शंकर कुमार : 3 महीना
तनय झा : 3 महीना
अभिषेक कुमार : 3 महीना
रिषभ राज : 3 महीना
कुमार पुष्पक : 3 महीना
मृणाल सागर : 3 महीना
प्रशांत सिंह : 3 महीना
आयुष केड़िया : 3 महीना
रेहान कुमार : 3 महीना
उज्जवल कुमार : 3 महीना
डाॅ मृणाल सिंह : 3 महीना
डॉ अभिषेक वर्मा : 3 महीना
डॉ मनोरंजन कुमार : एक साल
डॉ पवन कुमार : एक साल
डॉ निशांत कुमार : एक साल
सूरज कुमार साहू : एक साल
रेकझिंग ग्यात्सो भूटिया : एक साल

Also Read: Jharkhand News: रांची में ट्रैफिक जाम की समस्या से हैं परेशान, तो इन हेल्पलाइन नंबरों पर करें कॉल सीनियर- जूनियर छात्रों के थे अपने-अपने तर्क

इस मारपीट के बाद सीनियर छात्रों ने कहा था कि नीट की परीक्षा और नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी में जूनियर छात्र खलल डाल रहे थे. इस बात को लेकर जूनियर्स छात्रों को कई बार समझाया गया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ. इसके अलावा जूनियर छात्र डेंटल के सहपाठियों के साथ रात में जश्न मना रहे थे. इसके कारण अशांत का माहौल हो गया था.

इसी बात को लेकर जूनियर छात्रों को समझाया जा रहा था. लेकिन, वो नहीं माने और उलटे हमलोगों से उलझने लगे. वहीं, जूनियर छात्रों का आरोप है कि सीनियर के हॉस्टल में अपने सहयोगियों के साथ मिलने गये थे, लेकिन सीनियर छात्रों ने रैगिंग जैसा व्यवहार किया और मारपीट की घटना को अंजाम दिया.

Posted By : Samir Ranjan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola