अलर्ट: नक्सली बंदी के दौरान झारखंड में माओवादी कर सकते हैं पुलिस पर हमला, इन क्षेत्रों में ज्यादा खतरा

Updated:
विज्ञापन

नक्सल बंदी के दौरान भाकपा माओवादी झारखंड में पुलिस टीम पर हमला कर सकते हैं. इस दौरान कोल्हान क्षेत्र को वो टारगेट कर सकते हैं. हालांकि कई जिलों में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है. इस दौरान वे 21 से 26 जनवरी तक प्रतिरोध दिवस मनायेंगे.

विज्ञापन

रांची : भाकपा माओवादी की ओर से 27 जनवरी को आहूत बिहार-झारखंड बंद के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को अलर्ट किया है. खुफिया विभाग ने मुख्यालय को सूचना दी है कि बंद के दौरान नक्सली झारखंड में अपने प्रभाव वाले क्षेत्र के इलाके में पुलिस की टीम पर हमला कर सकते हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

नक्सली इस दौरान पुलिस पिकेट, कैंप, पोस्ट या पेट्रोलिंग पार्टी के अलावा स्कॉर्ट वाहन को निशाना बना सकते हैं. पुलिस मुख्यालय को सूचना मिली है रेलवे ट्रैक या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा सकता है.

जानकारी के अनुसार भाकपा माओवादियों ने प्रशांत बोस और शीला मरांडी को राजनीतिक बंदी का दर्जा दिये जाने की मांग की है. मांगों को लेकर नक्सली 21 से 26 जनवरी तक प्रतिरोध दिवस मनायेंगे. 27 जनवरी को बिहार-झारखंड बंद की घोषणा की है.

आपको बता दें कि प्रशांत बोस और शीला मरांडी को सरायकेला के कंड्रा चेक पोस्ट के समीप पकड़ा था. इन दोनों को झारखंड में भाकपा माओवादी संगठन के विस्तार का प्रमुख कारण माना जाता है. और इन लोगों का प्रमुख केंद्र बिंदु कोल्हान क्षेत्र ही रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए इस इलाके को खास तौर पर अलर्ट जारी किया गया है.

इसके अलावा पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला में सावधानी बरती जा रही है. लेकिन नक्सलियों के निशाने पर तो सबसे ज्यादा कोल्हान क्षेत्र ही है ताकि दो बड़े नक्सलियों के गिरफ्तारी का बदला लिया जा सके. उनकी ये भी मांग है कि शीला मरांडी को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिया जाए.

Posted by : Sameer Oraon

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola